अमरोहा। जोया ब्लॉक की ग्राम पंचायत पलौला में विकास कार्यों में फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद जांच अधिकारी डीएसटीओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पंचायत के अभिलेखों को तलब किया है। ग्रामीणों ने डीएम को दी शिकायत में ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में सगे संबंधियों को मजदूर दिखाकर लगभग 20 लाख रुपये गबन करने की शिकायत की थी।
मनरेगा के बाद पलौला में विकास कार्यों में ग्राम प्रधान द्वारा अपने सगे संबंधियों को फायदा पहुंचाने की शिकायत हुई थी। ग्रामीणों जावेद अली आदि ने डीएम से मिलकर ग्राम प्रधान व सचिवों पर अन्य मदों के तहत हुए विकास कार्यों में अपने सगे संबंधियों को नल रिबोर, सड़क निर्माण, पंचायत घर, सामुदायिक शौचालय व मिट्टी भराव, टायल्स कार्य आदि में भी फर्जी तरीके से मजदूर दिखाकर करीब 20 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया था। इस पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले की जांच डीएसटीओ व एक एई को सौंपी थी।
इससे पहले गांव में मनरेगा के गबन का मामला भी उजागार हुआ था। जिसमें ग्राम प्रधान से 8.64 लाख रुपये की रिकवरी गई थी। इसके साथ ही तीन सचिवों पृथ्वी सिंह, हुमा परवीन व अंजुम समेत रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, लेखाकार व कंप्यूटर ऑपरेटर व एपीओ पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई थी। अब विकास कार्यों की शिकायत के लिए नामित हुए जांच अधिकारी डीएसटीओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने पंचायत के अभिलेख भी तलब किए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्थलीय जांच भी की जाएगी।