अमरोहा। नोएडा के एक डॉक्टर के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों से क्लेम लेने के मामले में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। गुलशेर अली, साहिल और दुष्यंत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है, लेकिन तीनों आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा के ओमैक्स एनआरआई सिटी, सेक्टर ओमेगा-दो निवासी डॉ. राजीव कुमार चौधरी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी इलाज दिखाकर बीमा क्लेम पास कराए जा रहे हैं। उनके अनुसार मदनगीर (साउथ दिल्ली) निवासी साहिल अमरोहा रोड स्थित जोया के साधना अस्पताल में कार्यरत है और खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताता है, जबकि उसके पास कोई वैध डिग्री नहीं है।
आरोप है कि साहिल अपने साथियों रजबपुर के शकरपुर निवासी दुष्यंत और नौगावां सादात थाना क्षेत्र के फौंदापुर निवासी गुलशेर अली के साथ मिलकर यह खेल चला रहा है। तीनों साधना नर्सिंग होम और डिवाइन हेल्थकेयर अस्पताल, जोया में मरीजों का इलाज डॉ. राजीव चौधरी के नाम से दर्शाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इन दस्तावेजों पर डॉक्टर के नाम की नकली मुहर और हस्ताक्षर कर बीमा कंपनियों से क्लेम लिया जाता था।
मामले में जिस डायग्नोप्लस पैथोलॉजी लैब से जांच दर्शाई गई, वह लंबे समय से बंद बताई जा रही है। डॉ. राजीव चौधरी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इन अस्पतालों में किसी मरीज का इलाज नहीं किया और न ही कोई विजिट की।
शिकायत के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद के निर्देश पर डिडौली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होना सवाल खड़े कर रहा है। चर्चा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी विवेचक पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
सीओ सिटी अभिषेक यादव ने कहा कि किसी योग्य डॉक्टर के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी क्लेम लेना गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।