गूगल से रेलवे का टोल फ्री नंबर लेकर शिकायत दर्ज कराना इंजीनियर को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने एनीडेस्क डाउनलोड कराकर इंजीनियर के खाते से 17 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी ऑफिस में की। अब साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
कोलकाता में 24 पीजीएस नॉर्थ निवासी प्रशांत मंडल स्ट्रेटा जियो सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में इंजीनियर हैं। यह कंपनी हापुड़ से मुरादाबाद के बीच ओवरब्रिज का निर्माण करा रही है। लिहाजा इंजीनियर प्रशांत मंडल की देखरेख में अमरोहा जिले के ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। इंजीनियर के मुताबिक उन्हें मुंबई जाना था।
इसके लिए उन्होंने 15 फरवरी को ऑनलाइन अपना टिकट बुक किया था, लेकिन खाते से रुपये कटने के बाद भी टिकट कंफर्म नहीं हुआ। ऐसे में इंजीनियर प्रशांत मंडल ने शिकायत दर्ज कराने के लिए गूगल से रेलवे का टोल फ्री नंबर लेकर बात की। आरोप है कि यह टोल फ्री नंबर वही था, जो रेलवे विभाग अपने यात्रियों की सहूलियत के लिए देता है।
उधर से फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने झांसे में लेकर एनीडेस्क इंस्टॉल करा लिया। इसके बाद उसने इंजीनियर प्रशांत मंडल का मोबाइल हैक कर उनके खाते से 17 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। फोन पर एसएमएस आने के बाद इंजीनियर को ठगी का एहसास हुआ। तभी इंजीनियर में कॉल कट कर मोबाइल का इंटरनेट डाटा बंद कर दिया। जिसके चलते खाते में बाकी धनराशि बच गई। शुक्रवार को इंजीनियर प्रशांत मंडल एसपी ऑफिस पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल साइबर सेल ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।