अमरोहा। गन्ने की पर्ची नहीं मिल रही है तो घबराएं नहीं। गन्ना विभाग ने किसानों के सट्टा (बॉन्ड) को खोल दिया है। अब किसान अपने मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट को दुरुस्त कर सकते हैं। ई गन्ना एप के माध्यम से संशोधन कर सकते हैं। उन्हें समिति के कार्यालय में चक्कर काटने की जरुरत नहीं है। इसके साथ ही संबंधित किसानों को पर्ची जारी की जाएगी। दरअसल एक मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट होने से सट्टे को बंद कर दिया गया था। किसानों के पास मौका चार मई तक है। इसके बाद सट्टा बंद हो जाएगा। फिर कोई बदलाव नहीं हो सकता है।
अमर उजाला ने गन्ने की पर्ची नहीं मिलने के मामले को प्रमुखता से उठाया है। दरअसल जिले में 781 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन हुआ है हालांकि छह महीने के पेराई सत्र बीतने के बावजूद अभी 440 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। किसान नेताओं का दावा है कि चीनी मिलें गन्ने की पर्ची जारी नहीं कर रही हैं। जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह ने गन्ना मुख्यालय में वरिष्ठ अफसरों को अवगत कराया। उनके निर्देश पर किसानों के सट्टे को खोल दिया गया है। किसान अब ई गन्ना एप के माध्यम से बैंक अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर को संशोधित कर सकते हैं। दरअसल, परिवार के कई सदस्यों के गन्ने का सट्टा (बॉन्ड) जारी है। इसमें एक मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट नंबर होने से उनके सट्टे बंद कर दिए गए हैं। ई गन्ना एप पर पर्ची और भुगतान की स्थिति देखने की जगह पर मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर संशोधित करने का विकल्प प्रदर्शित होगा। हालांकि यह संशोधन ओटीपी बेस्ड है। यह मोबाइल नंबर पर आएगा। ओटीपी को दर्ज करने के बाद किसानों का ब्योरा खुलेगा और उसमें आसानी से संशोधन कर सकते हैं। इसके साथ ही किसान के गन्ने का सट्टा (बॉन्ड) दुरुस्त हो जाएगा।