तहसील क्षेत्र में औद्योगिक ग्रीन गलियारा के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी चल रही है। किसान सर्किल रेट बढ़ाने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि पहले सर्किल रेट बढ़ाया जाएं, इसके बाद ही वह अपनी भूमि का बैनामा कराएंगे। वहीं, प्रशासन पुराने सर्किल रेट पर ही भूमि अधिग्रहण करने की बात पर किसानों को राजी करने का प्रयास कर रहा है।
औद्योगिक ग्रीन गलियारे के लिए तीन गांवों की 2200 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें से अभी तक 59 फीसदी भूमि ही खरीदी जा चुकी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का सिलसिला करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव मंगरौला में औद्योगिक शहर बसाए जाने की शासन की योजना के अनुसार यूपीडा और अमरोहा जिले के प्रशासनिक अधिकारी काम कर रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनाए जाने के लिए मंगरौला, रुस्तमपुर और दौलतपुर गांव की करीब 2200 बीघा भूमि को चिह्नित किया गया है। इसमें करीब 110 बीघा ग्राम समाज की सरकारी भूमि है।
110 बीघा सरकारी भूमि के अलावा 1280 बीघा भूमि को किसानों से अधिग्रहण किया जा चुका है। यह भूमि करीब 200 किसानों से खरीदी गई है। पिछले एक वर्ष से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत ही धीमी चल रही है। उसकी वजह है कि शेष किसान सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। किसान इस संबंध में एसडीएम, विधायक से लेकर डीएम तक प्रार्थनापत्र देकर सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। जिससे किसानों में रोष है। हालांकि, अब तक खरीदी जा चुकी भूमि का भुगतान किसानों के खाते में भेजा जा चुका है।
बोले किसान
पड़ोसी जनपदों में भूमि के रेट में बीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उसी के हिसाब से भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। हमारी मांग है कि यहां पर भी इस तरह से ही भूमि का अधिग्रहण किया जाए। सुधीर शर्मा, किसान मंगरौला
-जब तक बढ़े हुए सर्किल रेट पर भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाता। तब तक सहमति नहीं दी जाएगी। हमें हर हाल में भूमि के सर्किल रेट बढ़ने पर ही भूमि देंगे है। रिंकू गुर्जर, किसान मंगरौला
-सर्किल रेट बहुत कम दिया जा रहा है। जब गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भूमि का अधिग्रहण हुआ था। उसके बाद सर्किल रेट में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यहां बढ़ोतरी होने पर भी पुराने सर्किल रेट से ही जमीन खरीदी जा रही है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। जयकरन सिंह, पूर्व प्रधान मंगरौला
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ऐसे मिल रहा प्रति बीघा भूमि का मुआवजा
हसनपुर। औद्योगिक गलियारा के लिए किसानों की सामान्य भूमि का रेट करीब 7.20 लाख रुपये प्रति बीघा मिल रहा है, जबकि रोड किनारे पर स्थित भूमि का करीब 14 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जा है। किसानों का कहना है कि औद्योगिक गलियारे से पूर्व गंगा एक्सप्रेस- वे के लिए खरीदी गई भूमि में सर्किल रेट आबादी से सटे हुए गाटा की भूमि को रोड के किनारे की भूमि में ही माना गया था, लेकिन औद्योगिक गलियारे में अधिग्रहण के नियमों में बदलाव हुआ है। जो सरासर गलत है।
औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित की गई भूमि का अधिग्रहण कराया जा रहा है। इसके लिए रोजाना किसानों से बैनामा कराने के लिए सहमति लेने के लिए प्रयास किया जा रहा है। कुछ किसानों को भ्रम है कि मुआवजा की धनराशि बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है। जो सर्किल रेट नोटिफिकेशन जारी होने के दौरान थे। उन्हीं के आधार पर भुगतान होगा। औद्योगिक गलियारा बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। विभा श्रीवास्तव, एसडीएम हसनपुर