अमरोहा। क्षेत्रीय मंत्री अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के विपिन त्यागी ने संविधान दिवस के पखवाड़े के तहत गोष्ठी में संंविधान की विशेषताएं बताई। कहा कि संविधान ने जहां अधिकार प्रदान किए हैं तो वहीं कर्तव्य निर्धारित किए हैं।
विपिन त्यागी ने कहा कि पहली बार 26 नवंबर 1949 को ही भारतीय संविधान औपचारिक रूप से लागू हुआ था, वहीं आधिकारिक तौर पर संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ था। भारतीय संविधान को तैयार होने में दो साल से अधिक का समय लगा। संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। इसे राष्ट्रीय कानून दिवस के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने 2015 में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती के उपलक्ष में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। डॉ. आंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक माना जाता है, जिन्होंने संविधान निर्माण समिति के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय संविधान तैयार करने के लिए संविधान निर्माताओं ने 60 से अधिक देशों के संविधानों का गहराई से अध्ययन किया और वहां से बेहतरीन सिद्धांतों को भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ढाला। जैसे मौलिक अधिकार, अमेरिका से और संसदीय प्रणाली ब्रिटेन से ली गई। हालांकि हमारा संविधान अन्य देशों की काॅपी नहीं, बल्कि प्रेरणा का भंडार है। हमारा संविधान अनोखा है क्योंकि यह समय के साथ बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए लचीला भी है। इसमें संशोधन किए जा सकते हैं और साथ ही, देश के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए कठोर भी है। यानी आसानी से बदला नहीं जा सकता। संविधान लागू होने के बाद से इसमें अब तक 100 से अधिक बार संशोधन किए जा चुके हैं। इस दौरान प्रदेश मंत्री सर्वेश शर्मा, जिलाध्यक्ष राहुल माहेश्वरी, महामंत्री राजपाल, अवनीश शरण बंसल, राजीव सैनी, स्नेहा चौधरी, पुलकित शर्मा आदि मौजूद रहे।