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बूंदाबांदी से बढ़ी ठंडक, गेहूं को फायदा, सरसों को नुकसान

Wed, 13 Dec 2017 02:01 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा/गजरौला।
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गजरौला क्षेत्र में बरसात के बाद लहलहाती गेहूं की फसल।
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मौसम में बदलाव जारी है। सोमवार की रात अचानक बूंदाबांदी से मौसम बदल गया। रातभर रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी से ठंडक बढ़ गई। वहीं इस हल्की बारिश का असर फसलों पर भी पड़ा है। बारिश ने गेहूं को लाभ पहुंचाया तो सरसों को नुकसान। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश अधिक होती तो आलू को भी नुकसान पहुंचता।
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सोमवार को दिन मौसम साफ रहा। लेकिन रात में मौसम करवट ले ली। अचानक मौसम बदल गया। आसमान बादल छा गए। जो बूंदाबांदी करने लगे। हल्की बारिश शुरू हो गई। ये हल्की बारिश रातभर रुक-रुक कर होती रही। इसका असर मंगलवार सुबह देखने को मिला। दिनभर धूप छांव का खेल चलता रहा। सूर्यदेव बादलों के आगोश में रहे। नतीजतन तापमान में गिरावट आ गई। मौसम ठंडा हो गया और एकदम से ठंडक बढ़ गई। दूसरी ओर इस हल्की बारिश से किसानों को खुशी और गम का सामना करना पड़ा। गेहूं के फसल को बारिश से फायदा पहुंचा। जबकि इस बारिश से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा।
गजरौला में भी सर्द मौसम के बीच अचानक सोमवार रात करीब दस बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी ने गलन को बढ़ा दिया। रातभर रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही और मौसम का मिजाज बदलता रहा। हल्की बरसात से ठंड में और इजाफा होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम आई तब्दीली से तेज हवा और बारिश से ठंड बढ़ गई। लेकिन, इससे किसानों को काफी राहत मिली है। इस बरसात से सबसे ज्यादा गेहूं व जौ की फसल को लाभ मिला। जानकारों का मानना है कि इस समय हुई बरसात से गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। क्योंकि अभी गेहूं जमकर थोड़ा ही निकलना शुरू हुआ है। यही समय होता है जब गेहूं में बीमारी लगने की आशंका रहती है। लेकिन, इस समय हुई हल्की बरसात से गेहूं की फसल में होने वाली किसी भी आशंका को समाप्त कर दिया है। जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सर्दी दो महीने लगातार रहती है तो पैदावार बहुत अच्छी होगी। इससे किसानों की सिंचाई की समस्या का भी समाधान हो जाएगा। 
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