अमरोहा। साल 2023 में नौ नवंबर की रात गजरौला के गांव गुलालपुर स्थित फार्म हाउस पर नकाबपोश बदमाशों जमीन के विवाद में फार्म हाउस के मालिक नोएडा निवासी रतनपाल भाटी और मेरठ के गांव सीना निवासी अनिरुद्ध की धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी थी।
बदमाशों ने बचाव को आए नौकर जीत सिंह पर ताबड़तोड़ वार किए थे और मरा समझकर छोड़ गए थे। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ट्रायल पर चल रहे मामले में पीड़ित पक्ष की गवाही हो चुकी है।
9 अक्तूबर 2023 की रात मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र के गांव सीना निवासी अनिरुद्ध, गौतमबुद्ध नगर के बोड़ाकी निवासी रतनपाल भाटी और नौकर जीत सिंह फार्म हाउस परिसर में अलग-अलग चारपाई पर सो रहे थे। आधी रात के समय करीब सात से आठ नकाबपोश बदमाश पहुंचे और रतनपाल भाटी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। उसके चेहरे, गर्दन और सिर पर बलकटी और नल के हत्थे से ताबड़तोड़ कई बार किए।
आहट होने पर गोलू उर्फ अनिरुद्ध की आंख खुल गई थी। उन्होंने हमलावरों को टोका तो उन्हें भी निर्ममता के साथ काट डाला था। बचाव में आए नौकर जीत सिंह पर भी प्रहार किए। धारदार हथियार के ताबड़तोड़ हमले में अनिरुद्ध और रतनपाल भाटी की मौके पर मौत हो गई थी। हमलावर जीत सिंह को मृत समझकर छोड़ गए थे।
10 अक्तूबर की सुबह में दूधिया दूध लेकर फार्म हाउस पर पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। मेरठ, नोएडा, और गढ़मुक्तेश्वर के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए थे। डबल मर्डर की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों के होश उड़ गए।
डीआईजी मुनिराज जी, तत्कालीन एसपी कुंवर अनुपम सिंह, एएसपी राजीव कुमार, सीओ हसनपुर अरुण कुमार, सीओ मंडी धनौरा स्वेताभ भास्कर, गजरौला इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह, एसओजी प्रभारी रमेश सहरावत मौके पर पहुंच गए थे। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड ने घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाए थे।
फार्म हाउस मालिकों अनिरुद्ध व रतनपाल भाटी की हत्या की साजिश गजरौला थानाक्षेत्र के मुरादपुर गांव निवासी जितेंद्र भड़ाना व हिस्ट्रीशीटर अशोक ने रची थी। रतनपाल भाटी अपना फार्म हाउस किसी सरदार को ठेके पर देना चाहते थे, लेकिन आरोपी फार्म हाउस कब्जाने की नीयत से विरोध कर रहे थे। जब रतनपाल भाटी नहीं माने तो उनकी व अनिरुद्ध की हत्या कर दी थी।