अमरोहा। पहाड़ों पर लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दोनों तहसीलों के 25 गांव अति संवेदनशील और करीब 80 गांव संवेदनशील श्रेणी में हैं। गंगा का पानी खेतों और गांवों के जंगल तक पहुंचकर कटान कर रहा है। कई गांवों में पानी घुसने के साथ सड़कों पर जलभराव से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गंगा किनारे बसे गांवों में पशुओं के चारे और परिवार के लिए खाद्य सामग्री जुटाने का संकट है। कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। ग्रामीण नाव के सहारे चारा और अन्य जरूरी सामान ला रहे हैं। प्रशासन निगरानी कर रहा है, लेकिन अचानक हालात बिगड़ने पर स्टीमर उपलब्ध नहीं होना चिंता का कारण है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञ पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि बाढ़ प्रबंधन योजना में हसनपुर और धनौरा तहसीलों को मुख्य फोकस में रखा गया है। सर्वे के आधार पर धनौरा के 15 से 16 और हसनपुर के पांच से सात समेत 25 गांव अति संवेदनशील हैं। करीब 75 से 80 गांव संवेदनशील चिह्नित हैं। एसडीएम और तहसीलदार लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। बाढ़ की चेतावनी के लिए बिजनौर, हरिद्वार और मेरठ बैराज से समन्वय कर जलस्तर और डिस्चार्ज की जानकारी ली जा रही है।
जिला मुख्यालय, तहसील और सिंचाई विभाग स्तर पर 24 घंटे त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। एनडीआरएफ या एसडीआरएफ की स्थानीय यूनिट न होने पर पीएसी की 15वीं बटालियन की विशेष टीम तैनात है। 25 स्थानीय कुशल गोताखोर भी अलर्ट हैं। नाव, खाद्यान्न पैकेट, मवेशियों का चारा, टेंट, प्रकाश व्यवस्था और पका भोजन तैयार रखा गया है।