शहर में अभियान चलाकर करीब 1100 बीघा जमीन में 80 से अधिक अवैध कॉलोनियों की प्लॉटिंग को ध्वस्त कराया जा चुका है, लेकिन ध्वस्तीकरण के बाद फिर से इन कॉलोनियों में प्लॉटिंग का खेल फिर शुरू कर दिया गया है। ऐसी कॉलोनियों का चिह्नीकरण कर अब एफआइआर दर्ज कराए जाने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अमरोहा के लिए महायोजना 2031 पर मंजूरी की मुहर लगाए जाने के बाद शहर को बेतरतीब तरीके से बसाए जाने के साथ ही सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने वाले जमीन कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। बिना जरूरी कार्रवाई पूरी किए व बिना ले-आउट पास कराए जमीन कारोबारी अवैध काॅलोनियों में प्लॉटिंग कर रहे हैं। इन कॉलोनियों में न तो मानक के अनुसार सड़कें ही बनाई गई हैं और न ही बिजली और पानी की सुविधाएं हैं।
लोगों को भ्रम में रखकर जमीन कारोबारी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों ने अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती शुरू कर दी है। पिछले दो माह से ऐसी कॉलोनियों का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। साथ ही करीब 1100 बीघा जमीन में बसाई जा रही 80 से अधिक कॉलोनियों में प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण भी किया जा चुका है, लेकिन ध्वस्तीकरण के बाद भी जमीन कारोबारियों ने फिर से प्लॉटिंग शुरू कर दी है। जिन पर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
महायोजना के लिए आरक्षित जमीनों में भी अवैध कॉलोनी
विनियमित क्षेत्र के तहत महायोजना में जमीनों का अलग-अलग वर्गीकरण किया गया है। आवासीय, गैर आवासीय, औद्योगिक, पार्क व खेती तथा रिंग रोड के लिए जमीनों को आरक्षित किया गया है, लेकिन कई अवैध कॉलोनियां ऐसी हैं, जो रिंग रोड, खेत व दूसरी आरक्षित जमीनों पर बसाई जा रही हैं। जेई भानुप्रताप सिंह क अनुसार महायोजना के तहत ऐसी जमीनों का श्रेणी परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।
एक मामले में दर्ज हो चुका है मुकदमा
अवैध प्लॉटिंग के ध्वस्तीकरण के बाद फिर से प्लॉटिंग करने के मामले में डीएम की सख्ती के बाद ऐसे ही एक मामले में विनियमित क्षेत्र के जेई भानुप्रताप सिंह की और से मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। अब फिर से प्लॉटिंग करने वाले कई ऐसी कॉलोनियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
- अवैध रूप से बसाई जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। ध्वस्तीकरण के बाद भी फिर से प्लॉटिंग करने वालों का चिह्नीकरण भी किया जा रहा है। जिन पर एफआइआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- सुधीर कुमार, एसडीएम सदर/ विनियिमत क्षेत्र प्राधिकारी