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Amroha News: यातायात नियमों पर ध्यान देते तो बच सकती थी 315 की जान

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अमरोहा। जिले की सड़कें लोगों के खून से लाल हो गई हैं। तमाम सख्ती के बाद के भी जिले की सड़कों पर हादसे थम नहीं रहे हैं। पिछले 17 माह में 533 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 315 लोगों की जान गई है, जबकि 404 लोग घायल हुए हैं।
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हादसों का मुख्य कारण गलत दिशा से चलना, ओवरटेक करना, यातायात नियमों का पालन न करना, वाहन चलाते समय शिष्टाचार की कमी, तेज गति से वाहन चलाना और मानक से अधिक सवारी बैठना माना गया है। अगर यातायात नियमों पर ध्यान देते तो शायद 315 लोगों की जान बच सकती थी।

यातायात नियमों के उल्लंघन से सड़क हादसों को बढ़ावा मिल रहा है। लोग चलाए गए यातायात जागरूकता और गोष्ठियों को भी नजरंदाज कर रहे हैं। नियमों को दरकिनार कर लोग खुद ही हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। दो सवारियों की बाइक पर तीन से चार लोग बैठकर चल रहे हैं। वह भी बिना हेलमेट के, जिससे जान का खतरा बढ़ रहा है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकीं हैं और जान भी जा चुकी है, लेकिन लोग हैं कि मानने को तैयार ही नहीं हैं।
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यातायात के प्रति जागरूक करने के बावजूद जिले की सड़कों पर बिना हेलमेट के ही नहीं, बल्कि तीन से चार सवारी बाइक सवार दौड़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यातायात पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही हो। यातायात और सिविल पुलिस की ओर से जिलेभर में रोजाना ही बिना हेलमेट एवं दुपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी लेकर चलने पर चालान किए जा रहे हैं। लेकिन नियमों के उल्लंघन करने को लोग बाज नहीं आते हैं।
2025 में मई तक हुए 147 हादसे
यही वजह है कि साल 2025 को जनवरी महीने में 26 सड़क हादसे हुए। इनमें 13 लोगों की जान गई और 20 लोग घायल हुए। फरवरी में 31 सड़क हादसे हुए, जिनमें 16 लोगों की मौत हो गई और 37 लोग घायल हुए थे। मार्च में भी हादसों पर लगाम नहीं लग सकी। इस माह 27 हादसों में 11 लोगों की जान गई, जबकि 26 लोग घायल हो गए। अप्रैल में यह आंकड़ा और बढ़ गया। इस माह में 38 सड़क हादसे हुए, जिनमें 14 की मौत हुई और 30 घायल हुए थे। ऐसे ही मई में 25 हादसे हुए, जिनमें 19 की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए हैं। इससे पहले साल 2024 में 406 सड़क हादसों में 242 लोगों की मौत हुई और 284 लोग घायल हुए थे।

सड़क हादसों की रोकथाम के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जाता था। चालान भी काटे जाते हैं। अमरोहा पुलिस लोगों को सोशल मीडिया पर भी जागरूक कर रही है। हादसों के बचने के लिए जनता को खुद भी जागरूक होना पड़ेगा। तभी हादसों को रोका जा सकता है। -अनुज बालियान, टीएसआई
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