हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण होगा। 32 बेड की सीएचसी को 50 बेड का बनाया जाएगा। यहां सभी बीमारियों से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। क्षेत्र के करीब 360 गांव और शहर-कस्बों के लाखों लोगों को आईसीयू, वेंटीलेटर, सिटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा एक ही बिल्डिंग में मिलेगी। इसके बाद मरीजों को दिल्ली-मुरादाबाद या मेरठ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
हसनपुर में संभल-गजरौला मार्ग पर सीएचसी स्थित है। जिसमें रोजाना 1200 से 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। इसकी बड़ी वजह डॉक्टरों की तैनाती न होना है। सीएचसी में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह फिजिशियन के अलावा फिजिशियन डाॅ. मुदित गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. अंजु, दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रियंका और एनेस्थीसिया डाॅ. ब्रह्मानंद की तैनाती है। वहीं, यहां एक ही लैब टेक्नीशियन और एक फार्मासिस्ट समेत छह स्टाफ नर्स तैनात है।
क्षेत्र और आबादी को देखते हुए यह स्टाफ कम है। ऐसे में गंभीर मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद यहां से रेफर कर दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। विभागीय स्तर से हसनपुर सीएचसी को उच्चीकरण करते हुए 30 की जगह 50 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द सीएचसी को विस्तार देते हुए सभी बीमारियों से संबंधित विशेष चिकित्सकों की तैनाती हो सकेंगी। इसके अलावा आईसीयू, वेंटीलेटर, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सहूलियत भी क्षेत्र के लोगों को मिलने लगेगी।
- हसनपुर सीएचसी 30 बेड की है। 50 बेड का अस्पताल बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस बाद अस्पताल में अब जिला अस्पताल के जैसी सुविधाएं मिलेंगी। शासन से बजट स्वीकृत होते ही आगे की कवायद शुरू की जाएगी। -डॉ. सत्यपाल सिंह, सीएमओ
डाक बंगले के पास बनेगा राजकीय नर्सिंग कॉलेज
हसनपुर नगर पालिका प्रशासन की कवायद के बाद डाक बंगले के पास चिह्नित भूमि पर राजकीय एएनएम, जीएनएम और नर्सिंग कॉलेज बनेगा। शासन से जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। हसनपुर नगर पालिका अध्यक्ष राजपाल सैनी ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज के निर्माण के लिए चार बीघा जमीन चिह्नित की गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।