अमरोहा। दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि ससुराल पक्ष के पांच अन्य लोगों को दो-दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
डिडौली क्षेत्र के कटाई गांव के किसान नरेश का परिवार रहता है। उन्होंने अपनी बेटी अनीता की शादी एक मई 2014 को नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के अव्वलपुर गांव निवासी चमन सिंह के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले अनीता को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पड़ताडित करने लगे। कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, लेकिन ससुराल वालों का रवैया नहीं सुधारा।
23 फरवरी 2019 को ससुराल वालों ने अनीता को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। 25 फरवरी 2019 की रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान अनीता की मौत हो गई। इस मामले में विवाहिता के पिता नरेश कुमार ने पति चमन सिंह, जेठ मनोहरी लाल, भोजराज, जेठानी सोमवती, ससुर रघुवीर सिंह, सास रामेश्वरी, ननद दीक्षा, बहनोई शंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में पुलिस में चमन सिंह, भोजराज सिंह, सोमवती, शंकर, रामेश्वरी देवी और रघुवीर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम ईश्वर सिंह की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। शनिवार को न्यायालय ने मुकदमा में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर पति चमन सिंह को दहेज हत्या का दोषी पाया। जबकि भोजराज सिंह, सोमवती, शंकर सिंह, रामेश्वरी देवी, रघुवीर सिंह को दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिया।
न्यायालय ने पति चमन लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई और भोजराज सिंह, सोमवती, शंकर सिंह, रामेश्वरी देवी व रघुवीर सिंह को दो-दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 55 हजार का जुर्माना लगाया है।