अमरोहा। किशोरी की हत्या के मामले में सबूत के लिए पुलिस ने अंतिम संस्कार स्थल से हड्डी और राख बरामद की है। इसके अलावा पुलिस लगातार गांव में पहुंचकर सुरागकशी कर रही है। वहीं पुलिस को हत्या के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। अब केवल परिजनों का कबूलनामा की पुलिस के लिए अहम सबूत बनेगा। परिजनों पर ही किशोरी की हत्या की एफआईआर दर्ज है।
सोमवार की शाम सैदनगली थानाक्षेत्र के बेगपुर मुंडा गांव में रहने वाले किसान मदनपाल सैनी और उनके परिजनों पर अपनी ही 17 वर्षीय बेटी की हत्या करने का आरोप है। आरोप है कि साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को सूखी नहर में जलाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। सीओ श्रेष्ठा ठाकुर ने भी मुआयना किया था। गांव में किशोरी की हत्या की चर्चा थी। जबकि उसके परिजन बीमारी से मौत होने की बात कह रहे थे। लेकिन परिजनों की थ्योरी पुलिस के गले नहीं उतर रही थी।
बुधवार को गांव के चौकीदार थाने सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पिता और परिजनों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। चौकीदार की तहरीर के मुताबिक किशोरी का पड़ोस में रहने वाले गैर बिरादरी के किशोर के साथ प्रेम चल रहा था। जिसके चलते उसकी हत्या कर दी गई है। वहीं एसपी पूनम ने प्रकरण की जांच सीओ हसनपुर श्रेष्ठा ठाकुर को सौंपी है। वहीं गुरुवार की शाम सीओ थाना पुलिस के साथ उस नहर पर पहुंचीं, जहां शव को जलाया गया था। सीओ ने बताया कि अंतिम संस्कार स्थल से शव की हड्डी और राख बरामद की गई है। यह पुलिस के लिए एक साक्ष्य साबित हो सकता है। यह तो साफ है कि मरने वाली किशोरी मदनपाल सैनी की बेटी है। लेकिन उन्होंने कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा है। परिजनों का कबूलनामा ही अहम सबूत होगा।