फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने नशीले पदार्थ के दोषी तस्कर को पांच साल के कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस ने दोषी को सजा के बाद जेल भेज दिया है। शहर कोतवाली में तैनात दरोगा प्रदीप डोगरियाल 14 जून 2008 की तड़के 4 बजकर 10 मिनट पर कैलसा बाईपास चौराहे पर गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान उनको प्लास्टिक के बोरे लेकर जाता युवक दिखाई दिया था। उन्होंने घेराबंदी करते हुए उसको दबोच लिया था। इसके बाद जब बोरे की तलाशी ली थी तो उसमें 15 किलो अफीम डोडा चूर्ण भरा था। पूछताछ में युवक ने अपना नाम नौशाद पुत्र जरीफ फारूकी निवासी मोहल्ला बेरियान छेवड़ा बताया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था।
तब से यह मामला एफटीसी प्रथम में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश अखिलेश दुबे मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने आरोपी के खिलाफ तमाम सुबूत अदालत में पेश किए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया और आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद न्यायाधीश ने दोषी को पांच साल के कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।