अमरोहा। कड़ाके की ठंड के साथ सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। ऐसे में ठंड से बचने के लिए सिर्फ गरम कपड़े ही काफी नहीं, बल्कि खान-पान में भी बदलाव जरूरी है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. मेवा सिंह व डॉ. फाइक अली बताते हैं कि बाहर के साथ ही शरीर को भीतर से भी गरम रखना जरूरी है।
सेहत के लिहाज से सर्दियों का मौसम मुफीद माना जाता है, लेकिन जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। इन दिनों ठंड बढने से श्वांस, जोड़ों का दर्द और गठिया के मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता है। सामान्य तौर पर खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि हम कुछ घरेलू व आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर खुद को ठीक रख सकते हैं।