क्षेत्र में लंबे समय से चर्चित रहे फूलजहां हत्याकांड के मामले में जेल में बंद एक हत्यारोपी की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोतवाली हसनपुर के गांव कालाखेड़ा में 26 नवंबर 2018 की रात को फूलजहां उर्फ बिल्लो की गला घोट कर हत्या कर दी गई थी।
महिला के भतीजे एवं वादी मुकदमा इम्तियाज हुसैन की तहरीर पर जमीन के लालच में हत्या करने के आरोप में जेठ के तीन पुत्रों महमूद, मौ उमर उर्फ गटुवा और शाहिद के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 9 महीने तक आरोपियों ने फरार रहने के बाद कोर्ट में समर्पण किया था। जिसका सत्र परीक्षण अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 अमरोहा में विचाराधीन है। हत्याकांड की चश्मदीद गवाह निशा ने अपने बयानों में रिपोर्ट में दर्ज तीन अभियुक्तों समेत कुल 10 लोगों को इस हत्या में शामिल बताया था।
वादी मुकदमा इम्तियाज हुसैन ने धारा अंतर्गत 319 सीआरपीसी के तहत निशा द्वारा अपने बयानों में लिए गए अन्य व्यक्तियों को भी अभियुक्त बनाए जाने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे स्वीकार करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय अमरोहा ने शौकीन, सलमान, नन्नो, रुखसाना, फरीदा, फरीदा छोटी चाची और नाजमा को सम्मन जारी कर तलब किया गया था।
इसके बाद नन्नो को गिरफ्तार करके भी जेल भेजा जा चुका है। इस केस में शाहिद और महमूद जेल में बंद हैं। जबकि उमर उर्फ गटुवा अभी तक फरार चल रहा है। पुलिस द्वारा फरार आरोपी के घर कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है। महमूद की जमानत याचिका लंबे समय से हाईकोर्ट में विचाराधीन थी। मामले में वादी इम्तियाज हुसैन ने बताया कि बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान महमूद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है।