नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली आपूर्ति का संकट गहराया हुआ है। करीब 15 साल पहले स्थापित 25 केवीए का ट्रांसफार्मर अब अस्पताल की बढ़ती जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है। इसके चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। भीषण गर्मी में मरीजों और चिकित्सा स्टाफ दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
सीएचसी में पिछले कुछ वर्षों में सुविधाओं का विस्तार हुआ है। नई मशीनें, एयर कंडीशनर और कूलर लगाए गए हैं। अस्पताल परिसर में दो नई इमारतें भी बनाई गई हैं, जिससे बिजली की खपत कई गुना बढ़ गई है। लेकिन, अस्पताल के आवासीय स्टाफ क्वार्टर और चिकित्सा कर्मियों के आवासों को भी इसी 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से बिजली मिलती है। इससे भार और अधिक बढ़ जाता है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल को कम से कम 63 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है, जबकि लगा हुआ ट्रांसफार्मर इसकी आधी क्षमता का भी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग से मांग की जा चुकी है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बिजली आपूर्ति में बार-बार व्यवधान और वोल्टेज की कमी के कारण मरीजों को गर्मी और उमस में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक है। वहीं, चिकित्सा स्टाफ को भी अपने दैनिक कार्यों को सुचारू रूप से करने में दिक्कतें आ रही हैं।