नगर के एक मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय व्यापारी ने कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली। उनका शव उत्तराखंड के एक डैम के पास पड़ा मिला। वह तीन दिन से लापता थे। परिजनों के मुताबिक व्यापार में घाटा होने पर पिता ने कुछ रकम उधार ली थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। व्यापारी ने खुदकुशी से पहले नगर के कुछ लोगों को मोबाइल से आत्महत्या के कारण का मैसेज भेजा था।
धनौरा निवासी एक व्यक्ति व्यापार के सिलसिले में दो साल पहले उत्तराखंड चले गए थे। उनके 30 साल के बेटे ने बिजनौर में व्यापार शुरू किया था। व्यापार में पिता-पुत्र को घाटा हो गया। इस पर उन्होंने लोगों से ब्याज पर रुपये भी उधार लिए गए, लेकिन स्थिति संभल नहीं पाई। उधार देने वालों के तकाजे बढ़ते जा रहे थे। बैंक से ली गई धनराशि खत्म हो गई थी।
तीन दिन पहले व्यापारी का बेटा घर से कही चला गया। परिजनों ने खोजबीन शुरू की। व्यापारी के बेटे के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन शनिवार को उत्तराखंड के एक डैम के पास की थी। एक परिजन ने बताया कि शनिवार रात उसका शव डैम के पास मिल गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। खुदकुशी से पहले युवक ने अपने फोन से कई लोगों को आत्महत्या किए जाने के कारण व्हाटसएप पर भेजा है। नगर में युवक की आत्महत्या की दिन भर चर्चा रही।