अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी को लेकर चलाई जा रहे अभियान के तहत 62 ग्राम पंचायत को इस बीमारी से मुक्ति मिल गई है। इन गांवों के 132 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने 100 गांवों को और टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार ने साल 2025 में देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस कड़ी में टीबी के मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जा रहा है। टीबी के मरीज चिह्नित होने पर उसका निक्षय पोषण योजना में पंजीकरण किया जाता है। निशुल्क इलाज के साथ उसके खाते में पोषण के लिए एक हजार रुपये दिए जाते है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिसंबर से जिले में 100 दिन टीबी जांच अभियान चलाया था। इसके लिए टीम में लगाई गई थीं।
दिसंबर 2024 में करीब तीन लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी जिसमें 550 टीबी के नए मरीज मिले थे। टीबी के सामने आए नए मामलों में अधिकतर मरीज अन्य रोगों से भी पीड़ित थे। एक्सरे में टीबी होने की संभावना नजर आने पर उन लोगों के टीबी टेस्ट कराया गया था। अभियान के दौरान उन लोगों की जांच भी जा रही है जो पांच साल में टीबी से पीड़ित पाए गए थे और इलाज के बाद टीबी को हराकर स्वस्थ हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो टीबी के करीब 2750 मरीज सक्रिय चल रहे थे।
पिछले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर जिले के 62 गांव को टीबी से मुक्त कर दिया है। यहां मिले टीबी के मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। अब 100 गांवों को और टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जल्दी पूरा जिला टीबी की बीमारी से मुक्त हो जाएगा। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ