बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत दो लाख रुपये मिलने की अफवाह के बाद शहर के मुख्य डाकघर में सुबह से ही फार्म जमा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों को समझाने के लिए पोस्टमास्टर बाहर खड़े हो गए। चिल्ला-चिल्लाकर कहते रहे कि दो लाख रुपये नहीं मिल रहे हैं। किसी ने अफवाह फैलाई है, लेकिन उनकी बात सुनने को भीड़ बिल्कुल तैयार नहीं थी।
खींचतान व आपाधापी का माहौल देखकर मजबूर हुए कर्मचारियों ने फार्म जमा करने शुरू कर दिए। रजिस्ट्री पर चिप लगानी चालू कर दी। शाम तक लोग लाइन लगाकर खड़े रहे। ताज्जुब की बात ये है कि डाकघर में लगाए गए अफवाह संबंधी नोटिस पढ़ने के बाद भी पब्लिक समझने को तैयार नहीं है कि ये अफवाह है।
बरेली व मुरादाबाद के बाद जनपद में भी दो लाख रुपये मिलने की अफवाह ने जोर पकड़ लिया है। कई दिन से लोग कोट चौराहा स्थित प्रधान डाकघर के चक्कर लगा रहे थे। दो लाख रुपये मिलने की बात कर्मचारियों से पूछ रहे थे, लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया था कि ऐसा कुछ नहीं है। किसी ने झूठी बात फैलाई है। दो दिन से लोग फार्म भरकर जब डाकघर में जमा करने के लिए पहुंचने लगे तो कर्मचारी भी गफलत में पड़ गए। अफवाह पर लोग इस कदर भरोसा कर बैठे कि सुनने को तैयार नहीं है।
शुक्रवार की सुबह से ही पब्लिक डाकघर पर जमा हो गई। कर्मचारियों के काम प्रारंभ करते ही काउंटरों पर लाइन बनाकर लोग खड़े हो गए। कर्मचारियों ने जमा करने से मना किया तो हंगामा खड़ा करने लगे। गार्ड ने हंगामा कर रहे लोगों को डांट फटकारना शुरू किया तो उससे ही उलझ पड़े। नोकझोंक होने लगी, जिस पर कर्मियों ने फार्म जमा करने प्रारंभ कर दिए। लोगों के समझाने के लिए पोस्टमास्टर पीआर वर्मा केबिन से निकलकर बाहर परिसर में आ गए। जोर-जोर से कहने लगे कि ये अफवाह है।
नोटिस लगा दिया है कि दो लाख योजना के तहत किसी को नहीं मिल रहे हैं, मगर उनकी बात पर किसी ने विश्वास नहीं किया। लाइन में लगकर फार्म जमा किया। इसके बाद वापस घर लौट गए। दिन भर डाकखाने में आपाधापी लोगों के बीच मची रही। गौर करने की बात ये है कि इन फार्मों को प्रधान सत्यापित कर दे रहे हैं।