- अमरोहा के सीएमओ को शासन से मिला पत्र, जारी होगा डॉक्टर को नोटिस
- सरकारी कोटे से पीजी करने के बाद 10 साल सेवा देने का है नियम
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। सरकारी कोटे से पीजी करने के बाद नियम के मुताबिक न्यूनतम 10 साल की सेवाएं न देने पर अमरोहा जिले के निवासी डॉ. पीतम सिंह को एक करोड़ रुपये की धनराशि जमा करनी होगी। इस सिलसिले में शासन ने सीएमओ को पत्र भेजा है। सीएमओ के स्तर से डॉक्टर के पते पर नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। पूर्व में भी शासन से इस मामले में एक नोटिस जारी किया गया था।
अमरोहा के सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर के अनुसार यह मामला जिले के रजबपुर क्षेत्र के गांव कोटा निवासी डॉ. पीतम सिंह से जुड़ा है। उन्होंने सात अगस्त 2010 को रायबरेली जिले के ऊंचाहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्साधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। बाद में उन्होंने सीएमओ रायबरेली के माध्यम से नीट पीजी-2017 की प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आवेदन किया था। चयन होने पर उन्हें लखनऊ स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एमडी माइक्रोबायोलॉजी पाठ्यक्रम में पीजी की पढ़ाई का मौका मिला। पीजी पूर्ण होने पर उन्होंने दो सितंबर 2020 को विभाग में योगदान आख्या प्रस्तुत की थी। इसके बाद उनका तबादला गाजियाबाद के जिला एमएमजी चिकित्सालय में कर दिया गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया और तैनाती स्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे हैं।
सीएमओ ने बताया कि सरकारी कोटे से पीजी करने वाले चिकित्सकों को न्यूनतम 10 साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देना अनिवार्य है। इसके लिए उनसे बांड भी भरवाया जाता है। डॉ. पीतम सिंह द्वारा इस बांड की शर्तों का पालन न करने पर शासन ने उनसे एक करोड़ रुपये
राजकीय कोष में जमा कराने के आदेश दिए हैं। यदि निर्धारित समय में धनराशि जमा नहीं करते हैं तो विभाग उनके खिलाफ राजस्व वसूली समेत अन्य कानूनी कार्रवाई करेगा। सीएमओ ने बताया कि इस सिलसिले में पांच जून को महानिदेशालय से पत्र प्राप्त हुआ है। अब संबंधित चिकित्सक के गांव के पते पर नोटिस भेजा जाएगा।
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