अमरोहा। महाविद्यालयों में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए शैक्षिक सत्र के तहत कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को थोड़ी परेशानी भी झेलनी होगी। जिले के राजकीय महाविद्यालय गजरौला व संघटक राजकीय डिग्री कॉलेज हसनपुर में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो सकी है।
शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए मंडल में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इससे जिले के लगभग 60 डिग्री कॉलेजों को इसी विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया है।
उच्च शिक्षा को बेहतर करने के लिए विश्वविद्यालय लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन शिक्षकों की कमी इसमें रोड़ा बन रही है। राजकीय डिग्री कॉलेज गजरौला समेत संघटक राजकीय डिग्री कॉलेज हसनपुर व राजकीय डिग्री कॉलेज रहरा में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
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गजरौला में आठ शिक्षकों के हुए तबादले
गजरौला का रमाबाई आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय धनौरा तहसील क्षेत्र का एकमात्र सरकारी डिग्री कॉलेज है। हसनपुर तहसील क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय रहरा और संघटक महाविद्यालय हसनपुर हैं। मगर, हसनपुर के दोनों ही महाविद्यालयों में कई विषय नहीं है। इस कारण दोनों तहसील क्षेत्र के अधिकांश विद्यार्थी रमाबाई आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में ही प्रवेश लेना चाहते हैं।
मगर, संसाधनों के साथ ही महाविद्यालय स्टाफ के भी अभाव से जूझ रहा है, रमाबाई महाविद्यालय से मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता वर्मा, भौतिक विज्ञान के शिक्षक डॉ. आईडी सिंह, खेल व शारीरिक शिक्षक डॉ. अजय कुमार, अंग्रेजी के शिक्षक डॉ. संदीप कुमार, वाणिज्य के डॉ. चंद्रवीर सिंह व डॉ. संयम, वनस्पति विज्ञान की डॉ. रीना रस्तोगी और हिंदी की डॉ. सीमा सिंह का तबादला कर दिया गया है। उपरोक्त सभी ने अपने स्थानांतरण के बाद कॉलेजों में चार्ज भी ग्रहण कर लिया है।
इसके अलावा धन सिंह रवि व शशि सोलंकी 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनके स्थान पर भी किसी के आने की संभावना नहीं है। आठ शिक्षकों के तबादले के बाद महाविद्यालय में अंग्रेजी के लिए जूही, मनोविज्ञान के लिए शिक्षिका अजीता और भौतिक विज्ञान के लिए डॉ.अनिल सिंह आ गए हैं, जबकि खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वाणिज्य, हिंदी के लिए कोई नहीं आया है।
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कई साल से नहीं राजनीति शास्त्र का शिक्षक
गजरौला। रमाबाई महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ. रेखा रानी राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्ष थीं। वह चार साल पूर्व सेवानिवृत्त हो गईं। इनके स्थान पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई। इसके अलावा पूर्व प्राचार्य डॉ. रईस अहमद अर्थ शास्त्र पढ़ाते थे। वह पिछले साल सेवानिवृत्त हो गए। अर्थशास्त्र पढ़ाने के लिए भी कॉलेज में कोई शिक्षक नहीं है। डॉ. देवेंद्र सिंह लाइब्रेरी के प्रभारी थे। उनका दो साल पूर्व मेरठ के लिए स्थानांतरण कर दिया गया। उनके स्थान पर अभी तक किसी की भी नियुक्ति नहीं की गई। संवाद
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हसनपुर में भी शिक्षकों की कमी
हसनपुर। संघटक राजकीय डिग्री काॅलेज में अंग्रेजी के दो अध्यापकों की जरूरत है, लेकिन एक ही अध्यापक से काम चलाया जा रहा है। उधर, राजकीय महाविद्यालय गंगेश्वरी रहरा में प्राचार्य डाॅ. पुष्पेंद्र कुमार का हापुड़ के लिए स्थानांतरण हो गया। वह संस्कृत विषय के प्रोफेसर भी थे। उनके स्थान पर अभी किसी की भी तैनाती नहीं हुई है। जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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जेएस कॉलेज के लिए 11 शिक्षकों की डिमांड भेजी गई
अमरोहा। जिले के एक मात्र अनुदानित जेएसएच पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह का कहना है कि महाविद्यालय में अधिकांश विषयों की शिक्षकों की तैनाती है, लेकिन कई विषयों के लिए भी भी शिक्षकों की कमी है। हालांकि उन विषयों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को भरने के लिए डिमांड भेजी गई है।
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महाविद्यालय में स्टाफ की कमी है। जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने पत्र लिखा है। जल्द ही कुछ स्टाफ और मिलने वाला है। - डॉ. एमए गौरी प्राचार्य, रमाबाई आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय गजरौला