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Amroha News: टमाटर की अच्छी पैदावार... अच्छा भाव न मिलने से किसान लाचार

Sat, 03 May 2025 01:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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मंडी धनौरा (अमरोहा)।
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क्षेत्र में पारंपरिक खेती छोड़ सब्जी उगाने वाले किसान इन दिनों खासा परेशान है। वह सब्जी लेकर मंडी में पहुंचता तो है, लेकिन उचित भाव न मिलने से निराश हो जाता है। यहां हाल क्षेेत्र में टमाटर की खेती करने वाले किसानों का है।
मंडी में टमाटर के थोक के भाव सिर्फ तीन से लेकर आठ रुपये तक हैं। जबकि, एक किलो टमाटर की पैदावार पर लागत 12 से 14 रुपये आ रही है। मंडी के आढ़तियों का कहना है कि खपत से ज्यादा टमाटर आने और बाहर से कम ऑडर मिलने के कारणों किसानों को उनके टमाटर के उचित भाव नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान अपने टमाटर को फेंकने को मजबूर हो रहे हैं।
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मंडी धनौरा के दर्जनों गांवों रमपुरा, रामपुर तगा, पत्थरकुटी, कमालपुर, मुसल्लेपुर, दिसौरा, मिठठनपुर, धनौरी खुर्द, मोहम्मदपुर पटटी, खावड़ी, लालापुरी, कैसरा, कर्मपुर और बिहापुरी आदि में टमाटर की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इस साल भी सब्जी किसानों ने अच्छे दाम की उम्मीद में काफी क्षेत्रफल में टमाटर की फसल लगाई। फसल भी अच्छी हुई। लेकिन, फसल की आवक ढंग से शुरू भी नहीं हुई थी कि टमाटर के दाम जमीन पर आ गए।
इस समय मंडी में टमाटर की 25 किलोग्राम की क्रेट की कीमत 75 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है। बढि़या टमाटर की कीमत आठ रुपये प्रति किलो है। जबकि, टमाटर की पैदावार पर लागत ही 12 से 14 रुपये तक आ रही है।
स्थानीय स्तर पर सरकारी शीतगृह सुविधा की मांग
किसानों की मांग है कि सब्जियों को कुछ समय तक सड़ने से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर सरकार की ओर से शीतगृह की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गांव शाहबाजपुर गुर्जर निवासी अनिल सैनी का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ टमाटर झुलसना शुरू हो जाएगा। यदि सब्जी उत्पादकों के लिए शीतगृह की सुविधा होती तो सब्जी के उचित दाम मिल सकते हैं।
- करीब छह बीघा भूमि पर टमाटर की फसल लगाई थी। मंडी में फसल लगाने की कीमत भी नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार को मंडी में उसकी 25 किलोग्राम की क्रेट सिर्फ 150 रुपये में बिकी।
- विवेक सिंह, गांव धनौरी

- इस बार टमाटर की अच्छी फसल हुई है, लेकिन भाव अच्छा न होने से उन्हें लागत भी नहीं मिल पा रही है। मंडी में 25 किलो की क्रेट के सिफ 160 रुपये मिले है। किसान टमाटर फेंकने को मजबूर है।
- रामचरन सिंह, गांव रमपुरा

- टमाटर की फसल के लिए बांस, बल्ली, तार, खाद, कीटनाशक आदि पर 25 से 30 हजार रुपये बीघा की लागत आई है। लेकिन, अब वह टमाटर लेकर मंडी में पहुंचे तो भाव सही नहीं मिल रहा है। - लाल सिंह, गांव खाबड़ी
- अभी दूसरे राज्यों को टमाटर जाना शुरू नहीं हुआ है। बाहर के व्यापारी अभी मंडी का रूख नहीं कर रहे हैं। स्थानीय टमाटर नासिक, दिल्ली व मध्य प्रदेश जाता है। बाहर के राज्यों को सप्लाई होने पर टमाटर के दाम बढ़ जाएंगे।
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- हरिओम सैनी, आढ़ती, मंडी समिति

- अभी मंडी में खपत के मुकाबले टमाटर की आपूर्ति अधिक है। वर्तमान में करीब 200 क्रेट टमाटर आ रहा है। जबकि खपत अभी 100 क्रेट की है। टमाटर उत्पादकों को डर सता रहा है कि यदि शीघ्र ही बाहर के राज्यों को टमाटर जाना शुरू नहीं हुआ तो पिछले साल की तरह इस साल भी टमाटर को फेंकने पर मजबूर होना पड़ेगा। -
महीपाल सैनी, आढ़ती, मंडी समिति
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