चौपला चौकी क्षेत्र के हसनपुर रोड स्थित निजी नर्सिंग होम में गलत इंजेक्शन लगने से छात्रा की मौत हो गई। आनन-फानन में अस्पताल का स्टाफ छात्रा की हालत गंभीर बता कर दूसरे नर्सिंग होम के गेट पर छोड़ कर फरार हो गया। परिजन दुबारा से शव लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां हंगामा किया, स्टाफ नदारद होने पर शव लेकर वापस लौट गए। पुलिस ने घटना की जानकारी ली है। हालांकि कोई तहरीर नहीं दी गई है।
क्षेत्र के गांव सिहाली जागीर निवासी किसान मंसूर की बेटी जैनम (14 साल) गांव के ही सरकार विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा थी। परिजनों ने बताया कि करीब एक माह से जैनम को खांसी की शिकायत थी। जैनम का हसनपुर रोड स्थित निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था।
दो-तीन दिन में जैनम दवा लेने के लिए अस्पताल आती थी। इसके चलते शनिवार को जैनम अपने बड़े भाई मारुख के साथ दवा लेने आयी थी। आरोप है कि इसी दौरान डाक्टर ने जैनम के हाथ में इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन आधा ही लग सका कि जैनम ने दम तोड़ दिया।
पीड़ित भाई ने बताया कि अस्पताल स्टाफ ने हालत गंभीर होने की बात कह कर जैनम को अस्पताल की एंबुलेंस से एनएच-24 पर स्थित दूसरे निजी नर्सिंग होम भेज दिया। जहां जैनम को गेट पर ही छोड़ कर स्टाफ फरार हो गया। यहां डाक्टर ने जैनम को मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना पाकर परिजन ग्रामीणों संग मौके पर पहुंच गए।
औद्योगिक चौकी प्रभारी वली मोहम्मद को बुला लिया। पुलिस ने मामला हसनपुर रोड के अस्पताल का होने पर पीड़ित परिवार को शव के साथ वापस भेज दिया। परिजन शव लेकर हसनपुर रोड के अस्पताल पर पहुंच गए। अस्पताल बंद मिला। काफी इंतजार के बाद परिजन शव लेकर लौट गए। चौपला चौकी इंचार्ज नीरज कुमार ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजन शव ले गए। इस मामले में तहरीर नहीं मिली है।