स्वास्थ्य उपकेंद्र ताहरपुर में बुधवार को पिता के साथ दवा लेने गई बच्ची पर अस्पताल का जर्जर खड़ा लोहे का गेट गिर गया। गेट के गिरते ही चीख-पुकार मच गई। किसी तरह से बच्ची को गेट के नीचे से निकाला गया और आनन-फानन में निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। जहां से गंभीर हालत में बच्ची को रेफर किया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ताहरपुर में गांव से सटा हुआ ही स्वास्थ्य उपकेंद्र है। गांव निवासी राजीव कुमार की नौ वर्षीय बेटी नेहा रझोंहा के एक निजी स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा है। कई दिन से नेहा की तबीयत खराब थी। राजीव के मुताबिक वह शाम करीब पांच बजे बेटी नेहा को दवाई दिलाने अस्पताल जा रहा था।
इस दौरान नेहा थोड़ा आगे चल रही थी। नेहा ने जैसे ही अस्पताल के बंद गेट को खोलने का प्रयास किया, इस बीच जर्जर लोहे का गेट नेहा के उपर गिर गया। गेट के गिरते ही चीख-पुकार मच गई। राजीव ने शोर मचाया तो मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी तरह से नेहा को गेट के नीचे से निकाला गया।
आनन-फानन में उसे निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने गंभीर हालत बताते हुए नेहा को रेफर कर दिया। ताहरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि वह दवाई लेने नहीं बल्कि पिता के साथ खेत पर जा रही थी। थोड़ा आगे चल रही थी और अस्पताल का गेट खोलने का प्रयास कर रही थी। इस दौरान ही गेट गिरा।
जर्जर हालत में खड़े है कई सरकारी भवन
हसनपुर। हसनपुर क्षेत्र में कई सरकारी भवन जर्जर हालत में खड़े हैं। जो कभी भी हादसे का रूप ले सकते है। हसनपुर तहसील में कई पुराने भवन जर्जर हालत में खड़े हैं। बुरी तरह से दरारें पड़ी हुई। कई बार जर्जर भवनों की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। क्षेत्र में कई ऐसे प्राइमरी स्कूल हैं, जिनमें बच्चे जर्जर छतों के नीचे पढ़ाई करते हैं।
अस्पताल इंचार्ज पर होगी कार्रवाई
एसडीएम अशोक मौर्य ने बताया कि अस्पताल का लोहे का गेट बच्ची पर गिरने के मामले में जांच कराई जाएगी। यदि अस्पताल पर टूटा हुआ गेटा खड़ा लगा रखा था। तो इसमें अस्पताल इंचार्ज की लापरवाही सामने आती है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई कराई जाएगी।