कई दिन तक टाल मटोल करने के बाद आखिरकार थाना पुलिस ने सगी बहनों से गैंगरेप में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इससे पहले गैंगरेप पीड़ित बहनों की इज्जत की कीमत लगती रही और थाना पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। फिलहाल पुलिस ने गैंगरेप के बाद पंचायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
देहात थाना क्षेत्र के एक गांव में सगी बहनों से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। चूंकि पड़ोस के गांव के आरोपी एवं पीड़ित एक ही समाज के थे। इसलिए बिरादरी के लोग समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इसके लिए धमकी भी दी गई थी और पंचायत भी बैठी थी। इसमें पंचों ने गैंगरेप पीड़ित बहनों की इज्जत की कीमत 20 लाख लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया और थाना पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
गैंगरेप के मामले में समझौते का प्रयास करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि गैंगरेप की सूचना मिलने के बाद ही पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए था। साथ ही आरोपियों को बचाने तथा गैंगरेप पीड़ित बहनों की पंचायतों में इज्जत लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए थी, मगर थाना पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
इसकी खबरें प्रकाशित हुईं तो पुलिस ने आरोपियों थाना क्षेत्र के हादरपुर गांव निवासी विक्रांत, निगम, तेजपाल, गौरव, कांठ थाना क्षेत्र के जमनिया गांव के विपिन, वरुण, सचिन, नन्हे तथा छजलैट थाना क्षेत्र के अनुज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष ऋषि कुमार ने बताया कि नौ युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।