अमरोहा। फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को वाहन बेचने और उसी वाहन को चोरी करने वाले गिरोह का गजरौला पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने हाथरस और मथुरा के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की दो कार, आरसी, बीमा-प्रदूषण और मोबाइल बरामद हुए हैं। एक आरोपी भाग निकला जिसे पुलिस तलाश कर रही है।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि गजरौला के मोहल्ला सरस्वती विहार कॉलोनी के रहने वाले गौरव सिद्धू ने फेसबुक मार्केटप्लेस के जरिये विश्वेंद्र से 31 जुलाई को एक स्विफ्ट कार 4.8 लाख रुपये में नोएडा में खरीदी थी। इसकी एक चाबी गौरव को दी गई जबकि दूसरी चाबी विश्वेंद्र के पास थी। विश्वेंद्र ने कार को नाम कराते समय दूसरी चाबी देने की बात कही थी। इसके बाद कार घर के बाहर से चोरी हो गई। मामले में एक अगस्त की रात गजरौला थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी।
गजरौला पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। तभी से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। बृहस्पतिवार को गजरौला पुलिस ने एसओजी व सर्विलेंस टीम की मदद से खाद गुर्जर रोड पर मथुरा जनपद के औरंगाबाद निवासी शुभम प्रताप सिंह, विवेक सिंह, हाथरस जनपद के गदाई निवासी छोटू चौधरी, हाथरस के ही शेरपुर निवासी अजीत और मढाका के रहने वाले अजीत उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी के मुताबिक सभी आरोपी शातिर बदमाश हैं। यह लोग गिरोह बनाकर सस्ते में कार बेचने का लालच देते हैं। बाद में फर्जी प्रपत्रों के आधार पर नोटरी कराकर धोखाधड़ी कर बेच देते हैं। वाहन की एक चाबी अपने पास यह कहकर रख लेते थे कि गाड़ी ट्रांसफर होने पर दूसरी चाबी दी जाएगी। बाद में उस वाहन का पीछा कर मौका मिलते ही दूसरी चाबी से वाहन को चोरी कर लेते थे। बाद में उसी वाहन को फेसबुक मार्केटप्लेस पर बेचने का प्रयास करते हैं। सभी नई उम्र के अपराधी हैं और इनके खिलाफ हाथरस, बुलंदशहर, मथुरा और अमरोहा में 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
शौक पूरा करने के लिए बना लिए गिरोह
एसपी ने बताया कि अंतर्जनपदीय गिरोह के आरोपी फेसबुक मार्केटप्लेस के माध्यम से ग्राहक ढूढते हैं और इसी तरह से गाड़ी बेचकर फिर उसी गाड़ी को दूसरी चाबी का इस्तेमाल कर चोरी कर लेते हैं। आरोपी आधार कार्ड पर एक राय होकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी फोटो स्कैन कर गाड़ी की नोटरी कराकर बेचकर धन कमाते हैं। जिससे अपने शौक पूरे कर सकें। धोखाधडी कर व आधार कार्ड की कूट रचना कर धन प्राप्त करना जैसा अपराध करते हैं।