गजरौला (अमरोहा)। बिजनौर बैराज से 2,18,967 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण तिगरी में गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर 201.10 मीटर हो गया। तिगरी में गंगा खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर, जबकि ब्रजघाट में गंगा पर बने रेलवे पुल खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर दूर रह गया है।
शुक्रवार को बिजनौर से 2,18,967 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर 200.95 मीटर से बढ़कर 201.10 मीटर हो गया। बाढ़ खंड विभाग के आंकड़ों की बात करें तो 2018 के बाद पहली बार इतना जल स्तर बढ़ा है। धनौरा व हसनपुर तहसील के क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। अलीनगर के योगेश भड़ाना, मास्टर सुरेंद्र सिंह भड़ाना, कपिल भड़ाना, त्रिलोक भड़ाना, सिंह, दारानगर के मंगत सिंह, लल्लू सिंह, चकनवाला के श्रीपाल सिंह, जयचंद सिंह, जिलेराम नागर, गौतम नागर आदि का कहना है कि गंगा तट बांध से लेकर गंगा की दूरी करीब चार से पांच किमी है वहां तक बाढ़ का ही पानी दिखाई दे रहा है।
बाढ़ के कारण शीशों वाली, भुड्डी वाली, टीकों वाली, जाटों वाली आदि गांवों के ग्रामीणों का मुख्य धारा के लोगों से संपर्क कट गया है। यही हाल गंगा के पार बसे लठीरा, फरीदपुर, गोपाल की मढ़ैयों समेत अन्य गांवों का है। लठीरा व फरीदपुर एहतमाली के स्कूलों में पानी भर गया है। लठीरा के ग्राम प्रधान पपिश राणा ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर से लेकर लठीरा तक पांच किमी के दायरे में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बाढ़ के कारण स्कूलों में बच्चों के साथ ही शिक्षक भी नहीं पहुंच रहे हैं।
बाढ़ग्रस्त गांवों के ग्रामीण आवागमन के लिए नाव व ट्यूब पर निर्भर हैं। इसके अलावा जहां पानी कुछ कम है, उनमें ट्रैक्टर ट्रॉली से पार हो जाते हैं, लेकिन रास्ते किनारे गहरी खंदक में ट्रैक्टर ट्रॉली गिरने का खतरा रहता है। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि जल स्तर और बढ़ सकता है। बढ़े जल स्तर ने 2018 का रिकार्ड तोड़ दिया है।
खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर दूर गंगा का रेलवे पुल
गजरौला। कई दिन से उफान पर चल रही गंगा ने पूरा क्षेत्र जलमग्न कर दिया। बढ़ता जल स्तर गंगा नदी पर बने रेल के पुल के करीब पहुंच रहा है। गंगा का जल रेल पुल पर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर दूर रह गया है। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) महेंद्र सिंह ने बताया कि खतरे के निशान से जल स्तर 60 सेंटीमीटर दूर रह गया है। संवाद