एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर शातिरों ने भाई-बहन से नौ लाख रुपये ऐंठ लिए। कई महीने तक दोनों से फर्जी तरीके से रेलवे में नौकरी कराई। सैलरी नहीं मिलने पर सच्चाई सामने आई। कमरे में रखकर युवती का शारीरिक शोषण किया। साथ ही अपहरण की कोशिश की। पीड़िता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने एसपी के नाम संबोधित शिकायती पत्र में कहा है कि उसका भाई और वह जेएस हिंदू डिग्री कालेज से बीए की पढ़ाई कर रहे थे। इसी बीच भाई की मुलाकात रिजवान व अरविंद नाम के युवकों से हो गई।
जान पहचान होने पर दोनों उनके घर आने लगे। दोनों को रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसकी एवज में पांच-पांच लाख रुपये की डिमांड की। बताया है कि चार लाख रुपये उनको 20 जनवरी 2013 में नगद दे दिए, जिसके बाद अन्य रकम धीरे-धीरे खातों में जमा करते रहे। करीब नौ लाख रुपये दिए गए।
आरोप है कि 1 सितंबर 2013 को उन्होंने फोन कर सूचना दी कि दोनों की नौकरी टीटी के पद पर लगी है। कहा कि 3 सितंबर 2013 गोरखपुर आ जाओ। ज्वाइन करना है। जिस पर दोनों बहन भाई वहां पहुंचे तो बताया कि भाई की ड्यूटी लखनऊ में रहेगी, जबकि उसकी गोरखपुर में।
आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से शातिरों ने दोनों से स्टेशन व ट्रेनों में ड्यूटी कराई। अपने कमरे पर रखकर उसका शारीरिक शोषण किया। रिजवान, अरविंद निवासी कुशीनगर और खान निवासी बीबीडी कालोनी लखनऊ अपने दो अन्य साथियों के साथ कार में सवार होकर वहां पहुंचे।
जिनसे उसने भाई के बारे में बातचीत की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
उसको जबरदस्ती कार में खींचने लगे। अश्लील हरकत की। शोर मचाने पर धक्का देकर भाग गए। पत्र में मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।