नाबालिग से छेड़खानी करने के दोषी को न्यायालय ने चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी आधी धनराशि पीड़िता को सौंपने के आदेश दिए हैं। दोषी जमानत पर बाहर था, फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है। उसके खिलाफ पीड़िता को मुकदमे में फैसले के लिए धमकाने का मुकदमा अभी विचाराधीन चल रहा है।
यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला में सात साल पहले हुई थी। यहां रहने वाले व्यक्ति टायर पंक्चर के मिस्त्री हैं। उसने अपने घर में बनी दुकान किराए पर दी थी। उस दुकान पर मोहल्ला सराय कोहना निवासी फैसल कुरैशी नौकरी करता था। टायर पंक्चर मिस्त्री की नाबालिग बेटी से फैसल छेड़खानी करता था। परिजनों के समझाने के बाद भी नहीं माना। इस मामले में एसपी के आदेश पर फैसल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर था।
9 अक्तूबर 2016 में फैलस पीड़िता के घर पहुंचा और मुकदमे में फैसले के लिए दबाव बनाया। मना करने पर पीड़िता का अपहरण करने की धमकी दी। इस मामले में फैसल के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। यह मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। जबकि छेड़खानी के मुकदमे में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने फैसल को दोषी करार दिया और चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी आधी धनराशि पीड़ता को दिए जाने का आदेश दिया है।