अमरोहा। हसनपुर की मंडी समिति स्थित प्रथमा बैंक शाखा और अमरोहा नगर की स्टेट बैंक मुख्य ब्रांच में करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद विकास भवन की प्रथमा बैंक शाखा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बैंक से दो किसानों के नाम पर छह-छह लाख रुपये का ऋण निकाला गया है। इसमें हैरानी की बात यह है कि एक किसान की 2015 में मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे किसान का तो बैंक में खाता भी नहीं है। किसानों ने अपने खेतों की खतौनी निलवाई तो इस घोटाले का खुलासा हुआ। वहीं, मामला संज्ञान में आने पर बैंक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
हुसैनपुर निकट मालीखेड़ा निवासी रिहान ने बताया कि चार साल पहले उनके पिता एहतसामुल हसन का दिसंबर 2015 में मौत हो गई थी। इसके बाद उसने प्रथमा बैंक में खुले पिता के खाते को बंद करा दिया था। हाल में जब उसने अपने खेतों की खतौनी निकलवाई, तो चार जनवरी 2019 को उसके पिता के नाम से छह लाख रुपये का ऋण लेने की बात सामने आई। वहीं, शहबाजपुर गांव के जरीफ ने बताया है कि उसने भी जब अपनी खेतों कीं खतौनी निकलवाई तो उसके नाम से भी चार जनवरी 2019 को छह लाख का ऋण जारी होने की जानकारी दी गई। हालांकि उनका बैंक में खाता नहीं है। वहीं, ऋण निकालने वाले के तौर पर जुल्फिकार का नाम दर्ज है।
दो लोगों की शिकायत मिली है। रिहान के खेतों की खतौनी पर छह लाख रुपये का ऋण और ऋण लेने वाले का नाम लिखा है। वहीं जरीफ की खतौनी पर छह लाख रुपये का ऋण और ऋण लेने वाले की जानकारी लिखी है। मामले की जांच शुरू कर दी गई, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूजा चुग, ऑफिसर इन्चार्ज, प्रथमा बैंक, विकास भवन शाखा
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