खेत पर चारा लेने गई महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों समेत चार को 20-20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 2.8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गवाह के मुकरने के बाद भी पीड़िता को उसके ही बयान के आधार न्याय मिल गया। सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे, फैसला आने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के एक गांव की है। यहां रहने वाले किसान की पत्नी 27 अप्रैल 2014 की दोपहर खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। तभी दो बाइकों से चार लोग यहां पहुंचे और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किसी तरह घर पहुंची पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई। इस मामले में पीड़िता ने गांव के ही रहने वाले जगदीश, उसके सगे भाई जीवन, गंगाचोली निवासी धर्मेंद्र और सलारा गांव निवासी सोहनलाल के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल चारों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे।
यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। इस बीच पीड़िता के दोनों गवाह मुकर गए थे।
अभियोजन पक्ष की तरफ से अधिवक्ता चौधरी संजीव कुमार ने जोरदार पैरवी की और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने पीड़िता के बयानों को आधार मानते हुए जगदीश, जीवन, धर्मेंद्र, सोहनलाल को दोषी करार दिया और 20-20 साल की सजा सुनाई। साथ ही चारों पर 52- 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।