क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर आवारा कुत्तों ने चार बच्चों पर हमला कर घायल कर दिया। सभी का अस्पताल में उपचार कराया गया। आवारा कुत्तों को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
क्षेत्र में एक बार फिर आवारा कुत्तों ने बच्चों पर हमला करना शुरू कर दिया है। मंगलवार की शाम को गांव दीपपुर में 12 वर्षीय मोनिका अपने मां के साथ खेत से घर लौट रही थी। रास्ते में आवारा कुत्तों के झुंड ने मोनिका पर हमला कर दिया। चीख पुकार मचने पर मां ने कुछ लोगों को मौके पर बुलाया और कुत्तों को वहां से भगाया। घायल को अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। यहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। गांव करनपुर निवासी भोला सिंह का आठ वर्षीय बेटा अर्पित बुधवार सुबह खेत पर गया था, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने बच्चे पर हमला कर दिया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। चीखपुकार होने पर मौके पर पहुंचे लोगों ने बच्चे को बचाया। बावनखेड़ी गांव में अकील की पांच वर्षीय पुत्री अलीना व मुजीब खान का 11 वर्षीय बेटा मोहम्मद अहद दोनों खेत पर गए थे। इस दौरान आवारा कुत्तों के बच्चों पर हमला कर दिया। मौके पर पहुंचे लोगों ने कुत्तों को दौड़ाया। बच्चों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों के डर से बच्चे खेतों की तरफ नहीं जा पा रहे हैं। बड़े भी डंडा हाथ में लेकर जा रहे हैं।
- आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों के घायल होने की कोई जानकारी नहीं है। कुत्तों को पकड़वाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ही व्यवस्था होनी चाहिए। इसका वन विभाग से कोई लेना देना नहीं है। फिर भी कुत्तों को पकड़वाने में मदद करने के लिए हम तैयार हैं।
- शीशपाल विष्ठ, वन क्षेत्राधिकारी हसनपुर।
- सीएचसी में एंटी रेबीज के इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। रोजाना लोगों केेेे एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
-डा. अमित बरू, सीएचसी प्रभारी हसनपुर।