तीन दिन निकली कड़क धूप के बाद मंगलवार की सुबह कोहरा इस कदर आया कि थोड़ी दूर का भी नहीं दिख रहा था। कोहरे की बूंद फुहारों की तरह टपक रही थीं। दृश्यता कम होने के कारण वाहन लाइट जलाकर गुजरे। कोहरे ने वाहनों की गति पर भी ब्रेक लगा दिए। रोड साफ नहीं दिखने के कारण वाहन रेंग रेंग कर चलते रहे।
जनवरी माह में कड़ाके की ठंड में लोग बेहाल रहे। लोग सूरज के दर्शन तक को तरस गए। महीने के आखिर में तीन दिन कड़क धूप निकली तो लोगों ने राहत महसूस की। मगर रविवार और सोमवार को दोबारा कोहरा शुरू हो गया। मंगलवार को तीसरे दिन घना कोहरा आया। पूर्वाह्न 11 बजे तक कोहरे की चादर इस कदर छायी रही कि थोड़ी दूर का भी नहीं दिख रहा था। जिसके चलते दिन में भी वाहन लाइट जलाकर गुजरे। कोहरे की चादर ने हाईवे व अन्य मार्गों से गुजर रहे वाहनों की रफ्तार भी कम कर दी। लोगों का कहना है कि मंगलवार को इस सीजन का सबसे भीषण कोहरा था। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ.अरविंद कुमार मिश्र का कहना है कि इस समय सुबह को आ रहा कोहरा दोपहर तक छंट जाता है। यह गेहूं की पिछैती फसल के लिए अच्छा है। अधिक तापमान में गेहूं की फसल अच्छी नहीं होती। एक दो दिन में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं होता।