बाढ़ खंड विभाग तिगरी गंगा धाम और पपसरा खादर में 4.34 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके तहत तिगरी में गंगा से, जबकि पपसरा खादर में रामगंगा पोषक नहर के कटान से बचाने के लिए तीन दशक पहले बने जर्जर हो चुके स्पर की मरम्मत शुरू हो चुका है। इसके अलावा बाढ़ व बरसात में आवागमन सुगम करने के लिए पपसरा में रिंग बांध पर खड़ंजा बिछवाया जाएगा।
गंगा किनारे बसे तिगरी में हर साल भीषण बाढ़ आती है। गांव को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए तीन दशक पहले स्पर बनाया गया था, जो क्षतिग्रस्त हो गया है। अब बाढ़ खंड विभाग ने इसकी मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। जिस पर 1.96 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, क्षेत्र का पपसरा खादर गांव गंगा की तलहटी में बसा है। जिसके दक्षिण में गंगा और पश्चिम में बाह नाला, जिसे रामगंगा पोषक नहर भी कहा जाता है। यहां पर दो स्पर हैं। जिसमें एक तीन दशक से अधिक पुराना हो गया है। बाढ़ खंड को आशंका है कि क्षतिग्रस्त स्पर बाढ़ सीजन में बाढ़ का वेग नहीं झेल पाएंगे। जिससे कटान हो सकता है। इसलिए पहले ही स्पर की मरम्मत कराए जाने का निर्णय लिया है। जिस पर 2.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत ने बताया कि दोनों स्थानों पर मरम्मत कार्य चल रहा है। जल्द ही पूरा हो जाएगा।
गंगा तट बांध पर डाला जाएगा खड़ंजा
पपसरा खादर गांव में जहां स्पर की मरम्मत का कार्य चल रहा है, वहीं रिंग बांध पर चार किमी खड़ंजा भी बिछवाया जाएगा। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राजेश गंगवार ने बताया कि चार किमी की लंबाई में बना रिंग बांध कच्चा है। जिस पर बरसात में निकलना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों के साथ ही बाढ़ खंड का आवागमन सुगम करने के लिए चार किमी लंबे रिंग बांध पर खड़ंजे का निर्णय लिया गया। यह काम भी जल्द शुरू हो जाएगा।
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