12 साल की किशोरी को बेचने और उसकी शादी करने के मामले में पुलिस ने रविवार को आरोपी बुआ और फूफा समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को पीड़िता के परिजनों के समाधान दिवस में शिकायत करने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने किशोरी को तलाशने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है।
बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के गांव नागर पुखरा निवासी चंद्रपाल ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उसने भाई की दो बेटियों को गोद लिया था। जिनकी, उम्र अब 12 और 10 वर्ष है। चंद्रपाल के अनुसार, अमरोहा के रहरा क्षेत्र के गांव फूलपुर में उसकी बहन सुषमा रहती है। बहन हमदर्द बनकर चंद्रपाल की दो नाबालिग बेटी को करीब पांच माह पहले दीपावली के समय यह कहकर साथ ले गई थी, कि तुम दोनों पति-पत्नी बूढ़े हो गए हो और बीमार रहते हो। साथ ही दोनों बच्चियों की देखभाल व परवरिश करने में भी सक्षम नहीं हो।
होली के त्योहार पर जब चंद्रपाल बहन सुषमा के घर पहुंचे तो पता चला कि उनकी दोनों बेटियों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा था। आरोप है कि बहन व बहनोई ने उनकी दोनों बेटियों को घर में कैद कर रखा है। चंद्रपाल ने दोनों बेटियों को अपने साथ ले जाने का प्रयास कि तो उसके साथ अभद्रता की गई और बहन-बहनोई व उसके परिजनों ने उसे घर से भगा दिया।
चंद्रपाल का आरोप है कि दो अप्रैल उसे पता कि बहन सुषमा ने उसकी बड़ी बेटी शादी 31 मार्च को मोटी रकम लेकर जनपद बुलंदशहर के स्याना थानाक्षेत्र के गांव मबई निवासी सुरेंद्र के साथ कर दी, जबकि उसकी छोटी बेटी को भी बेचने की फिराक में है। शिकायत मिलने पर सीओ ने रहरा थाना प्रभारी से मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि शिकायत मिलने रहरा थाने के दरोगा प्रहलाद की तहरीर पर बाल विवाह निषेध अनिनियम 2006 की धारा तीन, चार, नौ व दस के तहत किशारी की बुआ सुषमा व फूफा सुरेंद्र निवासी गांव फूलपुर थाना रहरा और सुरेंद्र निवासी गांव मबई थाना नरसेना जनपद बुलंदशहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। चंद्रपाल की छोटी बेटी को फूलपुर से बरामद कर अमरोहा में वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। वहीं, जिसकी शादी कराई गई है, उसकी भी तलाश की जा रही है। जल्द ही बरामद किया जाएगा।