गजरौला। कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे गंगा मेले में स्नान कर पुण्य कमाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा। ट्रैक्टर ट्रॉलियों में जरूरी सामान लाद कर श्रद्धालुओं के काफिले तिगरी की तरफ जा रहे हैं। सुबह से शाम तक मेले में सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंच गए। उधर तिगरी चेक पोस्ट पर ट्रैक्टर ट्रॉली अंदर जाने से रोकने के लिए पुलिस कर्मी तैनात हो गए।
तिगरी में गंगा तट पर लग रहे मेले में श्रद्धालुओं के जाने का सिलसिला कई दिन से जारी है। मगर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं के सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली मेला रवाना हुए। सुबह से शाम तक ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लगी रही। श्रद्धालुओं के परिवार ट्रैक्टर ट्रॉली में जरूरत का सभी सामान लाद कर गंगा में पुण्य कमाने जा रहे हैं। पहले जा रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि मुख्य स्नान तक गंगा में डुबकी लगाने के लिए उनको परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए पूजन से पहले ही जा रहे हैं। बताया कि भोर होते ही पतित पावनी में स्नान कर पुण्य कमाएंगे। तिगरी गंगा तट तंबुओं के शहर के रूप में नजर आने लगा है।
तिगरी गंगा मेले में स्नान कर पुण्य कमाने जा रहे श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राॅली सीधे नहीं जा रहे। उनको तिगरी चेक पोस्ट से मोहरका पट्टी वाले मार्ग से मेला भेजा जा रहा है। यहां पर मुस्तैद पुलिसकर्मी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को उधर की तरफ माेड़ देते हैं। उधर सुरक्षा के लिए मुस्तैद पुलिस ने शिव तिराहा पर भी बैरियर लगा दिया है। जिससे श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्रॉली अंदर तिगरी की तरफ न जा सकें। अंदर कार और अन्य गाड़ियां ही जा सकती हैं।
तिगरी गंगा मेले में पूजन से 14 नवंबर तक चार दिन लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। श्रद्धालु रागनी के साथ ही कवि सम्मेलन में नामचीन कवियों की रचनाओं का आनंद लेंगे। इसके लिए गंगा किनारे भव्य सांस्कृतिक स्थल बनाया जा रहा है। तिगरी गंगा मेले को भव्य, दिव्य और अलौकिक बनाए जाने के लिए जिला प्रशासन कई दिन से खासी तैयारी में लगा है। इसलिए मेले में लोक कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। वह मेले में अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को लुभाएंगे। इससे मेले की रौनक बढ़ेगी। शाम को मेले में प्रतिदिन गंगा मैया की सामूहिक रूप से आरती की जाएगी। पतित पावनी की आरती के स्वर मेला स्थल पर गूंजेंगे।