सड़क के किनारे हटाए जा रहे हैं अवैध कब्जे
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नेताओं-अफसरों के संरक्षण से अवैध खनन करानेवालों के हौसले बुलंद हैं। पुलिसवाले भी चुप्पी साधे रहते हैं, कभी कोशिश भी की तो आरोपी पुलिस को निशाना बनाने से भी नहीं चूकते। शनिवार रात इसी तरह का वाकया सामने आया।
अवैध खनन की सूचना पर पूरनपुर गांव पहुंची डिडौली कोतवाली पुलिस पर खनन करानेवालों ने फायर कर दिए, गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस किसी को भी पकड़ नहीं पाई, उसे उल्टे पांव लौटना पड़ा।
डिडौली कोतवाली का पूरनपुर गांव रेत के अवैध खनन के लिए चर्चित है। यहां की झील में दिन छिपते ही दर्जन भर से अधिक ट्रैक्टर ट्रालियां रेत को ले जाने के लिए आ जाती हैं। सुबह दिन निकलने तक धड़ल्ले से खनन किया जाता है। शनिवार रात कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि पूरनपुर की झील में खनन किया जा रहा है।
सूचना पर कोतवाली पुलिस वहां पहुंची तो दर्जन भर ट्रैक्टर ट्राली खड़े थे और कुछ में खनन सामग्री भरी जा रही है। पुलिस के टोकने पर कुछ लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, मगर अंधेरे का फायदा उठाकर खनन कराने वाले मय ट्रैक्टर ट्राली भागने में कामयाब हो गए।
पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि खनन की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने छापा मारा था, लेकिन पुलिस कि पहुंचने से पूर्व ही खनन करानेवाले फरार हो गए। पुलिस पर फायरिंग की बात बेबुनियाद है।