डिडौली(अमरोहा)। जोया सीएचसी के सरकारी आवास में फंदे पर लटककर स्वास्थ्य कर्मी अंकुर कुमार की आत्महत्या के मामले में सुसाइड नोट के आधार पर उसके भाई सुमित कुमार, भाभी शानू और पिता मंगल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई अंकुर कुमार की पत्नी गरिमा चौधरी की तहरीर पर की है।
पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। पुलिस आरोपी दंपती की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
नौगावां सादात भेड़ा भरतपुर गांव के रहने वाले किसान मंगल सिंह चीमा के बेटे अंकुर कुमार जोया सीएचसी में छह साल से नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई में संविदा पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी गरिमा सिंह जिला बलरामपुर में प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। साल 2022 में उनका विवाह हुआ था और उनका आठ माह का एक बेटा भी है। अंकुर 16 फरवरी को पत्नी गरिमा सिंह से मिलने बलरामपुर गए थे। चार दिन की छुट्टी पर गए थे, लेकिन तीन दिन गैरहाजिर रहने के बाद मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे सीएचसी लौटे और रात की ड्यूटी की। सुबह ड्यूटी समाप्त कर वह अपने कमरे पर चले गए थे।
बुधवार सुबह साथी कर्मचारियों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आहट सुनाई नहीं दी थी। इसके बाद गेट तोड़कर अंदर गए तो अंकुर चीमा का शव कमरे में छत के पंखे के सहारे फंदे पर लटका मिला था।
सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में मृतक अंकुर की पत्नी गरिमा सिंह की तहरीर पर भाई सुमित कुमार, भाभी शानू और पिता मंगल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सुसाइड नोट को बतौर साक्ष्य विवेचना में शामिल किया जाएगा। जल्दी ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
-
सुसाइड नोट के आरोप
अंकुर कुमार जेब से मिले दो पन्नों के सुसाइड नोट में अपने बड़े भाई सुमित कुमार और भाभी शानू पर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही अपनी मौत का जिम्मेदार उन्हें ठहराया है। पहले भी कई बार मारपीट की घटनाएं हुईं, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी।