लेकिन, अधिकारियों ने गजरौला क्षेत्र के खेड़की खादर निवासी अमित कुमार के नाम एक से अधिक बिक्री लाइसेंस व एफएमएस आईडी एआर कोऑपरेटिव वरुण कुमार अग्रवाल, जिला कृषि अधिकारी बबलू कुमार ने धोखाधड़ी करके कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से छह उर्वरक बिक्री लाइसेंस अलग-अलग सहकारी संस्थाओं के नाम से जारी कर कालाबाजारी की है। ढबारसी सहकारी समिति के निरस्त बिक्री लाइसेंस व एफएमएस आईडी पर उर्वरक जारी करके विभाग एवं भारत सरकार की करोड़ों रुपये की सब्सिडी का दुरुपयोग किया। अधिकारियों ने किसान एवं सरकार के साथ धोखाधड़ी करके लाभ प्राप्त किया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई तो कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लिहाजा, विकास चौधरी ने न्यायालय की शरण ली। प्रकरण को गंभीरता से लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने गंभीरता से लिया। साथ ही अमरोहा देहात पुलिस को एआर कोऑपरेटिव वरुण अग्रवाल और जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह और गजरौला के खेड़की खादर गांव निवासी अमित कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी समिति किसानों को खाद देती है। हम कैसे कालाबाजारी कर सकते हैं। जो भी आरोप लगाए गए हैं तथ्यहीन है। हमारा काम लाइसेंस देना है। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। इसके आरोप की विभागीय जांच भी हो चुकी है।- बबलू कुमार, जिला कृषि अधिकारी
इस तरह के आरोपों की विभागीय जांच भी हो चुकी है। जिसमें सभी आरोप गलत पाए गए थे। जांच रिपोर्ट शिकायतकर्ता को दिखा दी गई थी। लाइसेंस जनहित में दिए गए थे। उन्हीं समितियों से किसानों को खाद का वितरण किया गया था। धोखाधड़ी व कालाबाजारी जैसे सभी आरोप निराधार हैं।- वरुण अग्रवाल, एआर कोऑपरेटिव