अवैध रूप से संचालित दो पैथोलॉजी लैब और एक क्लीनिक संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। निरीक्षण में इन पैथोलॉजी लैब और अस्पताल में योग्य डॉक्टर के नाम दर्शाए मिले थे जबकि इन पैथोलॉजी लैब और हॉस्पिटल का न तो पंजीयन है और न ही कोई वैध डिग्री है।
नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने तीन जुलाई को डिडौली में अख्तर मार्केट स्थित सिटी पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया था। इस दौरान लैब पर जुनैद आलम काम करते मिले। यह लैब स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पंजीकृत नहीं थी। नोडल अधिकारी ने लैब संचालक शोन अली को नोटिस देकर जवाब मांगा था। साथ ही पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया था लेकिन लैब संचालक शाने अली ने कोई भी शैक्षिक योग्यता या अन्य अभिलेख नहीं दिखा सके।
इसके अलावा नोडल अधिकारी ने कनपुरा रोड स्थित अल्फा पैथोलॉजी लैब का भी निरीक्षण किया था। लैब को मोहम्मद फरमान चला रहे थे जो अवैध रूप से चलती मिली थी। वहीं, पांच जुलाई को टीम के साथ डिडौली क्षेत्र के बुधनपुर स्थित केजीएन फार्मा क्लीनिक का निरीक्षण किया था। क्लीनिक संचालक मोहम्मद मरगूब आलम उपस्थित मिले। निरीक्षण में क्लीनिक के लेटर हेड पर डॉ. महबूब आलम बी फार्मा, डॉ. आईएस खान एमबीबीएस एमएस और डॉ. निर्मल गायनीजीएनएम अंकित पाया गया जबकि यह लोग क्लीनिक पर कार्य नहीं करते हैं।
प्रतिबंधित दवाइयां भी मिली थीं
अवैध रूप से संचालित क्लीनिक में आठ बेड, एक ओटी टेबल पाई गई। जबकि प्रतिबंधित दवाइयां भी मिली थीं। नोडल अधिकारी ने क्लीनिक संचालक से पंजीयन संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह दिखा नहीं सके। सीओ सिटी शक्ति सिंह ने बताया कि मामले में नोडल अधिकारी की तहरीर पर एल्फा पैथोलॉजी लैब के संचालक मोहम्मद फरमान, सिटी पैथोलॉजी लैब के संचालक शाने अली, केजीएन फार्मा क्लीनिक के संचालक मोहम्मद मरगूब आलम के खिलाफ धोखाधड़ी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।