उप क्षेत्रीय वन अधिकारी राजीव वर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब सात बजे कुतुबपुर हमीदपुर गांव में तेंदुए के घेरने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही राजीव वर्मा, वन दरोगा केपी सिंह और वनरक्षक लोकेंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान लाठी-डंडों से लैस ग्रामीण तेंदुए का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया गया, बावजूद इसके धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती चली गई। तेंदुआ गन्ने के खेत में छिप गया तो उग्र भीड़ समझाने के बावजूद तेंदुए का पीछा करते हुए गन्ने के खेत में घुस गई और तेंदुआ पर हमला कर उसकी जान ले ली।
वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई और तेंदुए पर हमला करने वाले तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम राजू सैनी, धर्मवीर व राजेश कुमार बताया। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी तीनों आरोपियों को कार में बैठाकर नौगांवा सादात थाने में रिपोर्ट दर्ज करने जा रहे थे। तभी ग्राम प्रधान बृजेश ने अपने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर तीन आरोपियों को जबरदस्ती गाड़ी से उतार लिया और भागकर अपने साथ ले गए।
सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले में उप क्षेत्रीय वन अधिकारी राजीव वर्मा की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ कृत्य वन जीवन संरक्षण अधिनियम और सरकारी काम में बाधा डालने व आरोपियों को जबरन छुड़ाकर ले जाने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।