अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब के संचालक के खिलाफ नोडल अधिकारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। नोडल अधिकारी ने डीएम के निर्देश पर पैथोलॉजी लैब की जांच की।
जिसमें में पंजीकरण संबंधित अभिलेख नहीं मिले थे। नोडल अधिकारी ने गांव शेरपुर में पट्टी लगाकर हड्डी का इलाज करने वाले झोलाछाप पर भी केस दर्ज कराया है। बीती पांच अप्रैल को डीएम के निर्देश पर एसडीएम न्यायिक ब्रजपाल सिंह ने शेरपुर चुंगी पर चल रही पैथोलॉजी लैब पर छापा मारा था। निरीक्षण के दौरान पैथोलॉजी लैब पर कोई भी पंजीकरण अभिलेख, योग्य चिकित्सक व स्टॉफ नहीं मिला था।
संचालक को अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय दिया गया था, लेकिन वह अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने महेश गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एक अन्य मामले में बीती 10 मार्च को नोडल अधिकारी शरद कुमार ने गांव शेरपुर में हड्डी जोड़ने का काम करने वाले इंतजार के यहां छापा मारा था। मौके पर इंतजार नहीं मिला था।
क्लीनिक चलाने में झोलाछाप पर केस
अमरोहा। झोलाछाप के खिलाफ डिडौली पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी की तहरीर पर इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही क्लीनिक को सील कर दिया। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायत पर नोडल अधिकारी डाॅ. शरद कुमार ने 22 मार्च को कोतवाली डिडौली क्षेत्र के गांव इकौंदा में मेन अड्डे पर संचालिक एक क्लीनिक पर छापा मारा था।
जांच में सामने आया था कि क्लीनिक का स्वास्थ्य विभाग में कोई पंजीकरण नहीं है। एक छोटी सी दुकान में चल रहे क्लीनिक में टीम को मौके पर बलराम सिंह मरीजों को दवाइयां देते हुए मिले। जब उनसे प्रैक्टिस संबंधी डिग्री और पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज मांगे तो बलराम सिंह द्वारा मौके पर कोई अभिलेख नहीं दिखा पाए। नोडल अधिकारी ने अवैध तरीके से चल रहे क्लीनिक को सील करते हुए नोटिस जारी किया था।
नोटिस का समय पूरा होने के बाद भी बलराम सिंह द्वारा सीएमओ कार्यालय में क्लीनिक संचालन व चिकित्सक होने के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। सीएमओ डॉ. सत्यपाल सिंह के निर्देश पर नोडल अधिकारी डाॅ. शरद कुमार ने रविवार को डिडौली कोतवाली में तहरीर दे दी थी। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि आरोपी बलराम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही।