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Amroha News: पलौला की ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज

Wed, 11 Jun 2025 02:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा।
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मनरेगा में अपने बेटों, बेटियों व पुत्रवधू समेत अन्य परिजनों को मनरेगा के तहत मजदूर दर्शाकर 8.64 लाख रुपये की मजदूरी दिलाने के मामले में पलौला की ग्राम प्रधान गुले आयशा के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार डीएम ने सीज कर दिए हैं। मामले की अंतिम जांच डीडीओ सरिता द्विवेदी को दी गई हैं। गुले आयशा मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास हैं।
जोया ब्लाॅक की ग्राम पंचायत पलौला पिछले दिनों काफी सुर्खियों में रही थी। गांव की ग्राम प्रधान गुले आयशा के बेटे मोहम्मद गजनबी, आमिर सुहेल, शेखू, पुत्रवधू शबीना सहित परिवार के आठ सदस्य समेत 18 लोगों द्वारा फर्जी तरीके से मनरेगा के तहत 8.64 लाख रुपये की मजदूरी हासिल की थी। मामला सुर्खियों में आने पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को जांच सौंपी थी, जिसमें मामला सही पाया गया था।
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इसके बाद ग्राम प्रधान से वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया था। साथ ही पूरे प्रकरण में संलिप्त रहे तीन सचिव, कंप्यूटर ऑपरेटर, एपीओ, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, लेखाकार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसके अलावा एक तत्कालीन बीडीओ को भी इसमें संलिप्त माना गया था। जांच के बाद डीएम ने पंचायत के खातों को सीज करा दिया था। साथ ही ग्राम प्रधान को पंचायत अधिनियम की धारा 95 जी के तहत नोटिस भी जारी किया गया था। नोटिस का जवाब देने के बाद डीएम ने जवाब से अंसतुष्ट होकर उनके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। साथ ही मामले की अंतिम जांच डीडीओ सरिता द्विवेदी को सौंप दी है।
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शासन ने भी तलब की थी रिपोर्ट
मनरेगा में हुए इस फर्जीवाड़े की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक सुनी गई थी। प्रदेश व केंद्र सरकार ने इसे बड़ी गंभीरता के साथ लिया था। साथ ही रोजाना इस पर अपडेट भी ली जा रही थी।
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यह था पूरा मामला
बिना काम किए मनरेगा में मजदूरी हासिल करने पर जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई। पलौला गांव में बिना काम किए मनरेगा मजदूरी हासिल करने का प्रकरण सामने आया था। मामला क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना के परिवार से जुड़ा था। शबीना की सास गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं।
उन्हीं के कार्यकाल में गड़बड़ी का यह खेल खेला हुआ था। उनके प्रधान बनने से पहले ही इस गड़बड़ी की बिसात बिछा दी गई थी। यानी जनवरी 2021 में सभी के जॉब कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बाद गुले आयशा के प्रधान बनने के बाद मनरेगा में बिना काम किए मजदूरी हासिल करते रहे। मामला खुला तो गड़बड़ियों की परतें एक-एक कर सामने आ रही हैं। शबीना के परिवार के एक-दो नहीं बल्कि आठ लोगों ने गलत तरीके से मनरेगा की मजदूरी हासिल की।
इसमें शबीना व उनके पति गजनबी, देवर आमिर सुहेल, नसरूद्दीन व शेखू तथा ननद सारिया, नेहा परवीन व सबा रानी शामिल हैं। इनमें नेहा परवीन की शादी हो चुकी है। जांच में परिवार के आठ लोगों समेत कुल 18 लोगों के नाम सामने आए थे। जिन्होंने मनरेगा की मजदूरी हासिल की है। सभी 18 लोगों ने चार सालों में कुल 8.64 लाख रुपये की मजदूरी पाई थी। बाद में ग्राम प्रधान ने मजदूरी के रूप में लिए गए 8.64 लाख रुपये की रिकवरी भी जमा करा दी थी।
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मनरेगा प्रकरण के बाद पलौला की ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। जिसका उन्होंने जवाब दे दिया है। जिसके बाद ग्राम प्रधान गुले आयशा के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया गया है। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम
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