आलम यह है कि ब्रजघाट से लेकर पाकबड़ा तक 30 से ज्यादा अवैध कट हैं। हाईवे पर कई जगह से रेलिंग भी गायब हो चुकी है। इन अवैध कटों से कार, बाइक और अन्य वाहन सड़क पार करते देखे जा सकते है। कई बार इनकी वजह से हादसे भी हो जाते है, जिनमें लोगों की जान भी चली जाती है। वहीं, हाईवे की टूटी रेलिंग के नीचे से निकलकर लोग अपनी ही जान खतरे में डालकर हाईवे पार करते है। वहीं, प्रशासन हर बार अवैध कटों को बंद कराता है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर अवैध कट खोल लिए जाते हैं।
छह लेन के दिल्ली हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का शॉर्टकट बन रहे हैं। ब्रजघाट से लेकर मुरादाबाद की सीमा तक हर एक किलोमीटर पर अवैध कट नजर आ रहे हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों के बीच इन कटों से गुजरना जोखिम भरा होता है। पिछले दिनों में अवैध कट से सड़क पार करते समय रजबपुर बाईपास, अतरासी चौराहा, डिडौली, चौधरपुर ओवरब्रिज और बुढ़नपुर में सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं।
जल्दबाजी में जा रही जान
जोया और डिडौली के बीच पर हाईवे पर बने अवैध कट अक्सर हादसे का कारण बनते हैं। पूरे दिन दोपहिया वाहन हाईवे से आरपार होकर गलत दिशा में पहुंच जाते हैं। इस कारण अक्सर भारी वाहन या दोपहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं। जोया और डिडौली के बीच फैक्टरियां भी पड़ती हैं। हादसे की वजह भी जल्दी में सड़क पार करना बन जाती है।
कांवड़ यात्रा, नहीं ली सुध
18 फरवरी से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। पुलिस प्रशासनिक स्तर से कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर वाहनों का संचालन बंद करते हुए रूट डायवर्जन किया जाता है। लेकिन, हाईवे पर बने यह अवैध कट उनके लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। वजह यह है कि बीच-बीच में एक लेन पर वाहनों का संचालन होता है, कई बार वाहन चालक अवैध कट
गंदगी से अटे हाईवे के नाले
हाईवे किनारे गजरौला से लेकर अमरोहा तक गंदगी से नाले अटे हैं। इसके कारण बारिश के मौसम में हाईवे पर पानी की निकासी नहीं हो पाती है और हाईवे पर जलभराव हो जाता है। जिससे राहगीरों को हाईवे पर चलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं सर्विस रोड पर बने वालों की स्लैब भी टूटी हुई हैं, जो राहगीरों के लिए हादसे का सबब बने हुए हैं।
सात हादसों में गई चार लोगों की जान
पिछले करीब 15 दिन में हाईवे पर सात हादसे हुए हैं। इनमें चार लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को मुरादाबाद के मजदूर धर्मपाल सिंह की अवैध कट से सड़क पार करते वाहन की चपेट में आकर जान चली गई। जल्द ही चक्कर में लोग इन कटों से बेपरवाह होकर सड़क पार करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते है। इसके बावजूद जिम्मेदार इन अवैध कटों को देखकर भी अंजान बने रहते हैं। हालांकि, हादसों को गंभीरता से लेकर प्रशासन ने करीब ढाई महीने पहले अवैध कटों को बंद कराया था। लेकिन, शनिवार को ब्रजघाट से पाकबड़ा तक हाईवे पर पड़ताल की गई तो करीब 30 अवैध कट मिले। इसमें अधिकांश कट पेट्रोल पंप, होटल-ढाबे के सामने हैं। यह स्थिति तब है जब जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम निधि गुप्ता वत्स ने अवैध कट बंद कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
निर्माणधीन ओवरब्रिज के पास धूल का गुब्बार
गजरौला में हाईवे पर फ्लाइओवर तैयार किया जा रहा है, जहां पर धूल का गुब्बार उड़ता रहता है। कार्यदायी संस्था द्वारा पानी के टैंकर से समय-समय पर छिड़काव नहीं होने के कारण धूल उड़ती रहती है। जिसके कारण लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। वाहन चालकों को दिक्कत होती है।
- हाईवे पर अवैध कट बंद कराने के लिए समय-समय पर एनएचएआई के अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। पहले भी पुलिस ने अवैध कट बंद कराए थे। इस बार कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले अवैध कट बंद कराए जाएंगे। अबकी बार ऐसे पंप, होटल-ढाबे को चिह्नित किया जाएगा, जो बार-बार अपने सामने अवैध कट बना लेते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कांवड़ियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में है।
- राजीव कुमार सिंह, एएसपी