अमरोहा। लंबे अर्से से मुंबई की जमीन के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहे कमाल अमरोही के बेटे ताजदार अमरोही ने अपने लिए इसे बहुत ही सुकून भरा पल बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने उनकी पुश्तैनी विरासत को बचाने का काम किया है। पिता की आत्मा ने उनको हौसला देते हुए कभी उन्हें इस लड़ाई में अकेला महसूस नहीं होने दिया।
अमरोहा के मोहल्ला लकड़ा में जन्मे सैयद अमीर हैदर यानी कमाल अमरोही ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी इस पहचान से अमरोहा को भी देश-विदेश में एक अलग पहचान मिली। बॉलीवुड में पैर जमाने के बाद वह मुंंबई में ही रहने लगे। वहां उन्होंने मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी से दूसरा निकाह कर लिया था।
कमाल अमरोही व मीना कुमारी ने मुंबई के बांद्रा स्थित पाली हिल इलाके में कोजीहोम हाउसिंग सोसाइटी जमीन के मामले में अदालत का निर्णय आने के बाद कमाल के बेटे ताजदार अमरोही ने अदालत का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 40 साल की निरंतर अदालती लड़ाई के बाद सुकुन के पल आए हैं। उनको इस लड़ाई में खूब मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। धमकियां भी मिलीं, लेकिन उनके पिता कमाल अमरोही की आत्मा हमेशा उनको आगे बढ़ने और पुश्तैनी विरासत को बचाने का हौसला देती रही।
अमरोहा में भी है कमाल अमरोही से जुड़ी विरासत
कमाल अमरोही अपनी काबिलियत के दम पर देश दुनिया में छाए। अमरोहा के मोहल्ला लकड़ा में आज भी उनका पुश्तैनी मकान है। वह जब भी अमरोहा आते तो इसी पुश्तैनी मकान में ठहरा करते थे। उनसे जुड़ी यादें आज भी इसी मकान में तरोताजा हैं। उनके इस्तेमाल की हुई चीजें यहां सुरक्षित रखी हुईं हैं। उनके बेटे ताजदार अमरोही व बेटी रूखसार अमरोही इस मकान पर आते रहते हैं।
कमजोर नहीं थे विपक्षी, लेकिन नहीं टूटने दिया हौसला
ताजदार अमरोही बताते हैं कि इस लड़ाई में उनके विपक्षी कमजोर नहीं थे। वह संख्या बल और आर्थिक रूप से भी उनसे अधिक सक्षम थे। उनको हाथों में कटोरा देने की धमकियां मिला करती थी। लेकिन, उन्होंने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया। वह बताते हैं कि उन्होंने अकेले इस जंग को लड़ा और आज अदालत ने उनके पक्ष में फैसला देकर न्याय किया है।
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अमरोहा एक रूहानी जगह
ताजदार अमरोही कहते हैं कि अमरोहा एक रूहानी जगह है। वह रहते भले ही मुंबई में हों, लेकिन उनकी आत्मा तो अमरोहा में ही बसती है। कहा कि वह जल्द ही अमरोहा आएंगे।
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