एक ओर बेटियों को बचाने के अभियान चलाए जा रहे हैं दूसरी ओर एक निष्ठुर पिता पर लड़कों को बचाने के लिए तांत्रिक के चक्कर में दो माह की बेटी को जिंदा जमीन में गाड़ने का आरोप लगा है। पड़ोसियों ने भनक लगने के बाद जमीन खोदकर मृत बच्ची का शव निकाला। पत्नी ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है।
सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव ढक्का निवासी खालिद उर्फ सुकवा पुत्र शाकिर अली की पत्नी हुस्न जहां को करीब दस साल पहले एक बेटा पैदा हुआ था। वह सही-सलामत है। इसके बाद तीन-चार लड़के पैदा हुए लेकिन कोई जीवित नहीं बचा। खालिद इस वजह से परेशान था। दस माह पहले एक बच्ची पैदा हुई। वह बीमार चल रही थी।
ग्रामीणों के मुताबिक खालिद ने एक तांत्रिक से संपर्क किया जिसने सलाह दी कि दो माह के जिंदा बच्चे को जमीन में दबाने से यह समस्या खत्म हो सकती है। इसके बाद उसने रविवार शाम को बच्ची को मिट्टी की हांडी में रखकर बंद कर दिया और पत्नी के साथ गांव के ही गयासुद्दीन के बाग में गढ्ढा खोदकर दबा दिया। सोमवार की सुबह को आसपास के लोगों ने हुस्न जहां से बच्ची के बारे में पूछा तो उसने राज उगल दिया।
जिंदा बच्ची को गढ्ढे में दबाने की बात पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। दोपहर करीब बारह बजे ग्रामीण जबरन खालिद को बाग के खेत में ले गए और बच्ची के शव को बाहर निकलवाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष मुस्तकीम अली ने बताया कि ढक्का में बच्ची को जमीन में दबाने का मामला सामने आया है। पोस्टमार्टम के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।