भाकियू चढ़ूनी गुट की बैठक में वक्ताओं ने किसानों की एकता पर जोर दिया। मोदी सरकार पर किसानों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का आश्वासन देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानून थोपने का काम किया। जिनकी वापसी के लिए सात सौ किसानों की शहादत हो गई। इस मौके पर प्रदीप कुमार को संगठन का जिला संगठन मंत्री बनाया गया।
क्षेत्र के गांवभारापुर माफी में भाकियू चढ़ूनी गुट की गजरौला ब्लाक अध्यक्ष योगेंद्र सिंह उर्फ बंटी के आवास पर बैठक की गई। इस दौरान मंडल अध्यक्ष रजिंदर सिंह ने कहा कि किसानों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि आज बदल रही परिस्थिति के चलते किसानों के तमाम संगठन हैं, लेकिन सभी का मकसद और लक्ष्य एक ही है। जहां भी शासन, प्रशासन किसानों का उत्पीड़न करेगा, वहां संगठन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद मिलेंगे। किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि वर्ष 2014 में लोक सभा चुनाव में नरेंद्र मोदी भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। वे झनकपुरी में चौधरी कंवर सिंह तंवर फार्म पर आए थे। उस समय नरेंद्र मोदी ने पूर्व की केंद्र सरकारों पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट दबा रखी है। केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाएगा, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट तो लागू नहीं की गईं, बल्कि इसके विपरीत तीन काले कानून थोप दिए।
ब्लाक अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा कि इन कृषि कानूनों की वापसी के लिए सात सौ किसानों ने शहादत दे दी। उसे किसान भूले नहीं हैं। प्रदीप कुमार को जिला संगठन मंत्री बनाया गया। केशपाल सिंह, मोनू, चंद्रपाल सिंह, अतर सिंह, पवन शर्मा, राजीव कुमार, कृपाल सिंह, आशाराम, सेवाराम सिंह, राजपाल सिंह, शाहिद हुसैन, कुलदीप सिंह, विकास सिंह, कैलाश सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन सुभाष मास्टर ने किया।