किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू शंकर के पदाधिकारी कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। नारेबाजी कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। अफसरों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। किसानों ने सीएम को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। जल्द समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि स्मार्ट विद्युत मीटर तकनीकी जांच में खराब पाए गए थे, इसलिए उन्हें न लगाया जाए। वहीं, चीनी मिल शुरू हुए तीन माह हो गए हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण अभी तक गन्ने का मूल्य घोषित नहीं हुआ है, जिससे किसानों में रोष है। उन्होंने गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने की मांग की।
किसानों कहा कि गन्ने का मूल्य चीनी के आधार पर नहीं, बल्कि इथेनॉल, बिजली व कागज से होने वाले लाभ के आधार पर घोषित किया जाए। साथ ही गन्ने की अगैती प्रजाति का मूल्य सामान्य प्रजाति से 50 रुपये अधिक तय किया जाए। संगठन स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने के विरोध में है। यह मीटर गलत बिल निकालकर उपभोक्ताओं की आर्थिक रूप से कमजोर कर रहे हैं। इसलिए अभियान चलाकर इन्हें बदलवाया जाए। किसानों के खाते में किस्त तुरंत भेजी जाए।
अपात्र लोगों के राशन कार्ड समाप्त कर पात्र लोगों के राशन कार्ड बनाए जाएं। नैनो यूरिया व नेनो डीएपी किसानों के साथ एक बड़ा धोखा है। इसे किसानों को जबरदस्ती न दिया जाए। हरिद्वार की तर्ज पर तिगरी धाम में ब्रजघाट तक गंगा रिवर फ्रंट बनाते हुए पर्यटक स्थल घोषित किया जाए। ई-किसान क्रेडिट कार्ड योजना को तत्काल लागू कराया जाए। इस दौरान वीरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, विक्रम सिंह, राकेश, अनिल भटनागर मौजूद रहे।
आरोप, किसानों का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न कर रहा बैंक
अमरोहा। किसानों ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक पर किसानों का आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। कहा कि बैंक किसान क्रेडिट कार्डों पर दूसरी बैंकों के सापेक्ष तमाम तरह के चार्ज लगाकर उनका उत्पीड़न कर रही है।
किसान क्रेडिट कार्डों पर तीन लाख से ऊपर तीन से चार प्रतिशत अधिक ब्याज वसूला जा रहा है। ग्रामीण बैंकों में बचत खातों पर मिनिमम बैलेंस चार्ज नहीं लगता है। इसके बाद भी यह बैंक किसानों के बचत खातों में मिनिमम बैलेंस पर प्रतिमाह करोड़ों रुपये की कटौती कर रही है। केसीसी के नवीनीकरण अवधि के बाद अतिरिक्त चार्ज लगा रहे हैं।
यदि कोई किसान कार या दोपहिया वाहन के लिए बैंक से लोन लेता है तो उस पर भी 11 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर लगाई जाती है, जो गलत है। खातों के ट्रांजेक्शन में दूसरी बैंकों से अधिक पैसा वसूल कर रहे हैं। जीएसटी भी किसानों से ही काटी जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड के नवीनीकरण के लिए संदेश नहीं दिया जाता है। भाकियू शंकर संगठन पीएम सुरक्षा व जीवन ज्योति बीमा को आवश्यक करने की सिफारिश करता है।
किसानों पर जबरदस्ती प्राइवेट बीमा को न थोपा जाए। दो लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्डों पर कोई भी एनईसी नहीं ली जानी चाहिए और उनकी जमीन को बंधक न बनाया जाए। कोई किसान अपना किसान क्रेडिट कार्ड बंद करवाता है तो ऐसी दशा में उनसे 2-3 हजार अतिरिक्त वसूला जा रहा है।
डिजिटल खसरा खतौनी में हिस्सा दर्शाया गया है, इसके बावजूद बैंक हिस्सा प्रमाणपत्र मांगकर किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है। किसानों ने डीएम निधि गुप्ता वत्स को शिकायती पत्र देकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। संवाद